अध्यात्मउत्तराखंडविदेशहरिद्वार

श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर परम डॉ स्वामी कैलाशानंद का श्रीलंका सरकार द्वारा विशेष स्वागत

कोलंबो/श्रीलंका। परम पूज्य निरंजन पीठाधीश्वर, श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य डॉ स्वामी कैलाशानंद
गिरी जी महाराज का पावनश्रीलंका आगमन अत्यंत श्रद्धा,सम्मान और आध्यात्मिक उत्साह
के साथ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर श्रीलंका सरकार द्वारा
पूज्य गुरुदेव का विशेष सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया,जिससे पूरे देश मे ं आध्यात्मिक
वातावरण का संचार हो गया। गुरुदेव के स्वागत के लिए श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता
हेराथ, पर्यटन मंत्री हारिन फर्ना ंडो तथा श्रीलंका पर्यटन बोर्ड केअध्यक्ष चलाका गजबहु स्वयं उपस्थित रहे। सभी गणमान्य
अतिथियों ने पूज्य गुरुदेव का अभिनंदन करते हुए उनके श्रीलंका आगमन को आध्यात्मिक,सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि
से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर आध्यात्मिक आदान प्रदान और सनातन संस्कृति के वैश्विक विस्तार पर भी विशेष
चर्चा हुई। गुरुदेव के श्रीलंका आगमन के साथ ही उनकी 6 दिवसीय पावन शिव-यात्रा का शुभारंभ हो गया है। इस दौरान वे श्रीलंका के विभिन्न प्राचीन शिव धामों मे ं पूजन-अर्चन, दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान करे ंगे तथा सनातन धर्म
के मूल्यों का प्रचार-प्रसार करे ंगे। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत और
श्रीलंका के मध्य सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा मे ं
भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पूज्य गुरुदेव के आगमन से श्रीलंका मे ं निवासरत सनातन धर्मावलंबियों और भारतीय मूल के श्रद्धालुओं मे ं विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं ने इसे एक दिव्यअवसर बताते हुए गुरुदेव के दर्शन और आशीर्वाद को अपने जीवन का सौभाग्य बताया। धार्मिक और सांस्कृतिक विशेषज्ञों
का मानना है कि यह शिव-यात्रा दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक सेतु को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा सनातन संस्कृति के वैश्विकविस्तार मे ं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button