
गाजियाबाद। गृहकर (हाउस टैक्स) में बढ़ोतरी को लेकर शहर में विरोध तेज हो गया है। अवधेश शर्मा, अध्यक्ष, गाजियाबाद उद्योग व्यापार मण्डल ने प्रेस बयान जारी कर इसे “जनविरोधी फैसला” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
दादा अवधेश शर्मा ने कहा कि गृहकर में बढ़ोतरी की प्रक्रिया वर्ष 2022 में ही शुरू कर दी गई थी और उस समय चुने गए मेयर व पार्षदों ने इस पर मुहर लगाई थी। उनका आरोप है कि चुनावों के चलते इसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया और चुनाव संपन्न होते ही इसे जनता पर थोप दिया गया।
उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त का दायित्व नीतियों को लागू करना है, जबकि नीतियां बनाने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की होती है। ऐसे में पूरे मामले की जवाबदेही जनप्रतिनिधियों की बनती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि शहरवासी टैक्स भरने के बावजूद खस्ताहाल सड़कों, जलभराव और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गृहकर वृद्धि को वापस नहीं लिया गया तो संगठन शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक आंदोलन छेड़ेगा।
दादा अवधेश शर्मा ने शहरवासियों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस जनआंदोलन में शामिल होना चाहता है, वह सीधे उनके मोबाइल नंबर 9213371000 पर संपर्क कर सकता हे



