उत्तर प्रदेशसंस्कृति

फूलों की प्रदर्शनी का हुआ आगाज, खिल उठा अपना शहर गाजियाबाद

तीन दिवसीय फ्लावर शो में पर्यावरण, बागवानी और संस्कृति का अनूठा संगम

मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। शहरवासियों के लिए प्रकृति और सौंदर्य का अद्भुत नजारा लेकर बहुप्रतीक्षित फ्लावर शो एवं चटकारे का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को गोल्फलिंक्स, एनएच-09 स्थित परिसर में हुआ। लैण्डक्राफ्ट डेवलपर्स प्रा. लि. द्वारा हॉर्टिकल्चर एंड फ्लोरिकल्चर सोसायटीज गाजियाबाद के सहयोग से आयोजित यह बारहवां फ्लावर शो 27 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी  रवीन्द्र कुमार गोंदड (आईएएस) ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और नागरिकों में बागवानी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस वर्ष के फ्लावर शो की विशेषता पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, आॅक्सीजन और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले पौधों तथा योग को केंद्र में रखकर तैयार की गई थीम है। प्रदर्शनी में किचन गार्डन, हैंगिंग गार्डन, टेरेस गार्डन, वर्टिकल गार्डन, अर्बन गार्डनिंग, बोनसाई, कैक्टस, औषधीय पौधे, वायु शोधन करने वाले पौधे तथा स्वदेशी फूलों और रसायन मुक्त सब्जियों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया है। साथ ही रीसाइक्लिंग, कम्पोस्टिंग और पर्यावरण संरक्षण के आधुनिक तरीकों को भी प्रदर्शित किया गया।  आयोजन में अर्बन गार्डनिंग की नई तकनीकों जैसे हाइड्रोपोनिक, एक्वापोनिक और एरोपोनिक प्रणाली से पौधे उगाने की विधि को भी प्रदर्शित किया गया, जिससे शहरों में सीमित स्थान में भी बागवानी संभव हो सके। सनातन संस्कृति और आधुनिक विज्ञान के समन्वय को दशार्ते हुए धनुषवाण द्वार, शिवालय डमरू, वंदे मातरम थीम, सैटेलाइट मॉडल और आॅक्सीजन पार्लर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शनी में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए बटरफ्लाई, मोर, बत्तख, खरगोश, मछलियां, झूले, पतंगबाजी और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य, योग साधना, गायन, फैशन शो, मेहंदी, टैटू और रंगोली प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
इसके साथ ही चटकारे फूड फेस्टिवल में देश के विभिन्न शहरों के प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें सीताराम बाजार की फुट कुलिया और काठी कबाब, फत्ते की कचौड़ी, आगरा के पराठे, चांदनी चौक की जलेबी, नागपाल के छोले-भटूरे, डोलमा मोमोज, लखनऊ के मशहूर टुंडे कबाब और अन्य स्वादिष्ट व्यंजन शामिल हैं। 

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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