
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान’ के महिला सशक्तिकरण प्रकल्प – “संतुलन” के अंतर्गत 8 मार्च, 2026 को दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, गाजियाबाद शाखा में ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ! संस्थान का महिला सशक्तिकरण प्रकल्प – ‘संतुलन’ भारत के अग्रणी महिला सशक्तिकरण अभियानों में से एक है।
लगभग 70,000 समर्पित महिला स्वयंसेवकों एवं 4,000 से अधिक प्रशिक्षित साध्वी काउंसलरों की टीम के साथ, ‘संतुलन’ भारत के साथ-साथ विदेशों में भी महिलाओं के सम्मान, लैंगिक समानता तथा समग्र सशक्तिकरण हेतु कार्यरत है। यह अभियान कॉर्पोरेट संगोष्ठियों, लाइव वेबिनार, संस्थागत कार्यशालाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों, जन-जागरूकता अभियानों, सहयोगी कार्यक्रमों एवं रोड-शो तथा रैलियों जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं के उत्थान हेतु कार्य कर रहा है। संतुलन द्वारा प्रतिवर्ष 1 से 31 मार्च तक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष ‘स्वाभिमान’ अभियान चलाया जाता है, जिसके अंतर्गत देश विदेशों में असंख्य कार्यक्रम आयोजित किये जाते है! इन कार्यक्रमों का उद्देश्य होता है – महिलाओं के असाधारण प्रदर्शन को पहचान देना!
08 मार्च, 2026 को C-3, पटेल नगर IInd, गाजियाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के दोनों पक्षों, पुरुषों एवं महिलाओं ने समाज में संतुलन स्थापित करने हेतु एकत्रित होकर इस पहल में भाग लिया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ ब्रह्मज्ञानी वेदपाठियों द्वारा शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी के माध्यम से हुआ, जिसके पश्चात् गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए गुरु वंदना पर नृत्य प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण कुछ इस प्रकार रहे:- संस्कारों पर आधारित नाट्य मंचन, म्यूजिकल बैंड, अर्धनारीश्वर स्वरूप एवं भाइयों द्वारा नारी की विभिन्न भूमिका – बेटी, बहन, माँ आदि को नमन अर्पित करते हुए नृत्य प्रस्तुति।
दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी विदुषी श्वेता भारती जी ने बताया कि नारी सृजन, पोषण और परिवर्तन की शक्ति है। उसके भीतर समृद्ध समाज का नेतृत्व करने का सामर्थ्य है पर दुर्भाग्यवश, समाज उसके प्रशंसनीय योगदानो को अनदेखा कर देता है, जिसके कारण वह अपने उत्साह और आत्मविश्वास को खो बैठती है। संस्थान द्वारा गाज़ियाबाद की नारी शक्ति को प्रस्तुत यह सम्मान निःसंदेह समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान को जागृत करेगा!
तीन घंटे की अवधि वाले इस विलक्षण कार्यक्रम में नारीवाद की विकृत धारणा (टॉक्सिक फेमिनिस्म) बनाम नारीयों का यथार्थ संघर्ष पर एक पैनल चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों की विख्यात महिलाएँ जो समाज परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रही हैं, ने अपने-अपने दृष्टिकोण को समक्ष रखा और निष्कर्ष निकाला कि कुछ लोगों के प्रयासों से परिवर्तन नहीं आ सकता है। पैनलिस्ट की सूची में डॉ. अभा त्यागी (काउंसलर – नवविवाहित दंपति), श्रीमान पुष्पेंद्र फोगाट (व्यापारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता), श्रीमान अंकित गर्ग (कॉलेज प्रतिनिधि), इशिता गोयल (सीनियर एनालिस्ट), डॉ. पद्मा तामांग (CMO, CISF), अपूर्वा सिंह (मार्केटिंग हेड), श्रीमान नीरज चौधरी (एक्स-एएफएस, बैंकर), श्रीमती निधि गर्ग (गृहिणी एवं यूट्यूबर) जी उपस्थित रही।
निःसंदेह आज की नारी ने शैक्षिक, वित्तीय, सामाजिक, राजनीतिक एवं वैचारिक स्वतंत्रता को प्राप्त कर लिया है लेकिन ये ठीक वैसा ही है जैसे गहरे काले आकाश में कुछ तारे टिमटिमाते हैं। नारी सशक्तिकरण की सच्ची भोर लाने के लिए नारियों की अपने आध्यत्मिक अस्तित्व को भी खोजना होगा; और आत्मिक जाग्रति के द्वारा उससे जुड़ना होगा । संस्थान के संस्थापक एवं संचालक दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की उक्त विचारधारा को उजागर करते हुए सभागार में उपस्थित महिलाओं के मध्य प्रस्तुत किया गया। साथ ही, वीरांगनाएं जैसे कित्तूर की रानी चेनम्मा, अक्का महादेवी, वैदिक विदुषियाँ जैसे तपस्विनी सावित्री, गार्गी, मैत्रेयि, ऋषिका अनुसूया, इत्यादि कई आत्म-जागृत नारियों के दृष्टांत भी सुनाये ।
इस महिला सम्मलेन के अन्य मुख्य आकर्षण रहे – सामान्यत: समाज के प्रत्येक घर, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन, जिसे संतुलन की निस्वार्थ स्वयंकार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किया गया; व लिंग आधारित भेदभाव का खंडन करती रोचक गतिविधियां! अंत में कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और ग्रुप फोटो के साथ संस्थान की जागरूकता प्रदर्शनी द्वारा किया गया।
दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा संस्थापित और संचालित – दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, विश्व में शांति एवं बंधुत्व की स्थापना हेतु कार्यरत एक सामाजिक व आध्यात्मिक संस्थान है। यह संस्थान अपने नौ मुख्य प्रकल्पों द्वारा समाज में व्यापक परिवर्तन ला रहा है – महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम; साक्षरता अभियान; सम्पूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम; नशा उन्मूलन कार्यक्रम; पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम; भारतीय देसी गौ संवर्धन एवं नस्ल सुधार कार्यक्रम; आपदा प्रबंधन कार्यक्रम; बंदी सुधार कार्यक्रम और नेत्रहीन एवं दिव्यांगों का सशक्तिकरण कार्यक्रम।



