अध्यात्मउत्तर प्रदेशनई दिल्ली

राष्ट्रपति द्रौपदी 20 मार्च को मथुरा में प्रेमानंद महाराज से करेंगी भेंट

राष्ट्रपति 19 से 21 मार्च तक उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगी

मथुरा, । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 21 मार्च तक तीन दिन उत्तर प्रदेश में रहेंगी। इस दौरान वे अयोध्या, मथुरा और वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाएंगी। वे अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन करेंगी और वृंदावन में संत प्रेमानंदजी महाराज से मिलेंगी। यह उनका वृंदावन का दूसरा दौरा है और वे वृंदावन आने वाली तीसरी राष्ट्रपति होंगी।

तय कार्यक्रम के अनुसार 19 मार्च को राष्ट्रपति सबसे पहले अयोध्या पहुंचेंगी। वहां वे श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन और पूजन करेंगी। वे मंदिर में श्रीराम यंत्र भी स्थापित करेंगी। यह उनके दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। अयोध्या से सेना के हेलीकॉप्टर से वे वृंदावन आएंगी। शाम करीब 5ः35 बजे वे रेडिसन होटल पहुंचेंगी। होटल से थोड़ी देर बाद शाम 6ः30 बजे वे इस्कॉन मंदिर जाएंगी। वहां वे लगभग एक घंटे तक रहेंगी। इस्कॉन मंदिर में वे भगवान कृष्ण-बलराम, राधा-कृष्ण और निताई-गौर के दर्शन करेंगी। इस्कॉन मंदिर के बाद देर शाम राष्ट्रपति प्रेम मंदिर जाएंगी। यह मंदिर जगद्गुरु कृपालु महाराज ने बनवाया था। इसका निर्माण जनवरी 2001 में शुरू हुआ और 17 फरवरी 2012 को उद्घाटन हुआ। इस तरह यह मंदिर 12 साल में तैयार हुआ। मंदिर सफेद इटैलियन पत्थर से बना है। यहां लोग भगवान कृष्ण के दर्शन के साथ शाम की खूबसूरत लाइटिंग भी देखने आते हैं। राष्ट्रपति यहां भगवान की आरती में शामिल होंगी।

अगले दिन 20 मार्च को राष्ट्रपति का दिन संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात से शुरू होगा। सुबह 7ः25 बजे वे रमण रेती स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचेंगी। वहां वे 8 बजे तक रहेंगी। वे संत जी के दर्शन करेंगी और उनसे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। संत प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त एवं साधक हैं। उनके भक्त मानते हैं कि किडनी न होने के बावजूद राधा रानी की कृपा से वे स्वस्थ हैं। पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया के जरिए उनके लाखों लाख अनुयायी बन गए हैं

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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