
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आकाशवाणी लखनऊ केंद्र के 89 वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने डॉ विद्या बिंदु, प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद समेत 10 पद्म पुरस्कार से अलंकृत विभूतियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आकाशवाणी लखनऊ से जुड़े वरिष्ठ समाचार वाचक यज्ञदेव पंडित, नवनीत मिश्र समेत 10 अन्य उद्घोषकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी लखनऊ की गौरवशाली यात्रा भारतीय सांस्कृतिक चेतना, लोक परंपराओं एवं साहित्यिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन की एक स्वर्णिम गाथा रही है। बाइट….. मैं इस अवसर पर पंडित गोविंद वल्लभ पंथ जी की स्मृतियों को भी नमन करता हूं कि जिन्होंने 2 अप्रैल 1938 को इस केंद्र का शुभारंभ किया और आज इस यात्रा ने कहां से कहां तक की यात्रा प्रारंभ की है। मुझे लगता है जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां आकाशवाणी जरूर पहुंच जाती थी। गांव हो या शहर और यह आजादी के पहले की यात्रा है। 1938 तभी देश आजाद नहीं हुआ था। पहली धुन वंदे मातरम की आकाशवाणी लखनऊ से। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आकाशवाणी पर किए जाने वाले कार्यक्रम मन की बात को जनता से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी विश्वसनीय समाचारों के साथ विभिन्न भाषाओं और लोक कलाकारों की कला को दर्शाने का एक बेहतरीन माध्यम रहा है। बाइट….. कैसे समाज को जोड़ने का माध्यम आकाशवाणी बना था, कैसे भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना था, यह हम लोगों ने बचपन में देखा, सुना, थोड़ा बड़े हुए तो देश और दुनिया के अंदर क्या हो रहा है, हमें समाचार पत्र की पहली लाइन भी आकाशवाणी के अलग-अलग समय में चलने वाली बुलेटिन के माध्यम से ही प्राप्त होती थी और उसमें भाषा की शुद्धता भी थी और समाचार की गुणवक्ता भी थी और उसमें सच्चाई भी झलकती थी। समारोह को संबोधित करते हुए प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने कहा कि आकाशवाणी ने देश के आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने संस्थान की आधुनिक तकनीकी प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। बाइट….. एक ऐसे संस्थान के 88 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव हम मना रहे हैं, जिसने इस देश के आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आजादी के पूर्व से लेकर आजादी के बाद के वर्षों में भी इस केंद्र ने उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से कलाकारों और वार्ताकारों को मंच प्रदान किया, जहां आकर वे अपनी प्रस्तुतियां देते रहे। कार्यक्रम में आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी अपनी विश्वसनीयता को बरकार रखते हुए निरंतर नई तकनीक को अपनाकर लोक प्रसारक के तौर पर अपनी भूमिका को और मज़बूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी का स्थापना दिवस पुरानी यात्रा के उत्सव को मनाने का अवसर है। बाइट….. यह एक मौका है हमारे पास एक पुरानी जो यात्रा रही है, उस यात्रा के आकलन का उसको सेलिब्रेट करने का तो हमने अपने जो पुराने हमारे नींबू के पत्थर जैसा कि मुख्यमंत्री जी ने कहा, उनको हमने याद किया है और साथ ही में जो विभूतियां है यहां की उनको भी हमने याद किया है। तो हमारा यह बड़ा उत्सव है हमारे लिए कि हम इनको याद कर रहे हैं। इस मौके पर सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। समारोह में आकाशवाणी लखनऊ की कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे



