गाजियाबाद

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के जन्मदिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब

संतों और भक्तों ने दी शुभकामनाएँ, दीघार्यु की कामना

मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में रविवार को पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का जन्मदिवस श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर देशभर से संतों और भक्तों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के दौरान संतों ने महाराजश्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीघार्यु जीवन की कामना करते हुए उनके द्वारा समाज, देश, धर्म, शिक्षा और भारतीय संस्कृति के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने उन्हें जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने जूना अखाड़ा को विश्व स्तर पर विशेष पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि महाराजश्री हमेशा सनातन धर्म और समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी रहते हैं और लाखों संन्यासियों को दिशा प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर राजस्थान से आए कुंवर हरिश्चंद्र सिंह ने भी मंदिर पहुंचकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया।
विधायक संजीव शर्मा, समाजसेवी अजय चोपड़ा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने जन्मदिन की शुभकामनाएँ देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं दिल्ली संत महामंडल के महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज के नेतृत्व में दिल्ली के करतार नगर स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित संत सम्मेलन में भी उनका जन्मदिवस मनाया गया।

दूधेश्वर वेद विद्यालय के आचार्यों और छात्रों ने भी महाराजश्री को शुभकामनाएँ देते हुए उत्साहपूर्वक कार्यक्रम मनाया। इस अवसर पर अमरनाथ मेला और बाबा सोमनाथ मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी उनकी दीघार्यु और स्वस्थ जीवन की कामना की। इस मौके पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि संतों का जीवन समाज और धर्म की सेवा के लिए समर्पित होता है, इसलिए उन्होंने कभी अपना जन्मदिन नहीं मनाया। उन्होंने सभी संतों और भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और स्नेह ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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