जनरल वी.के. सिंह देश के ऐसे सच्चे सपूत हैं, जिनकी हर सांस राष्ट्र के लिए ही धड़कती है : महाराजश्री

मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह ने अपना जन्मदिन श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना कर मनाया।
गाजियाबादI मिजोरम के राज्यपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गाजियाबाद के पूर्व सांसद रिटायर्ड जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह ने अपना 74वां जन्मदिन सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में भगवान दूधेश्वर का अभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर मनाया।
जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह ने मंदिर में विराजमान सभी देवी-देवताओं एवं सिद्ध गुरु मूर्तियों की भी पूजा-अर्चना की। पूजा-अर्चना श्री दूधेश्वर वेद शिक्षा संस्थान के आचार्यों ने विधि-विधान से संपन्न कराई। इसके पश्चात उन्होंने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि जनरल वी.के. सिंह भारत माता के ऐसे सच्चे सपूत हैं, जिनकी हर सांस राष्ट्र के लिए ही धड़कती है। उनके रोम-रोम में देशभक्ति बहती है। भारतीय सेना के 26वें सेना प्रमुख के रूप में उन्होंने जो कार्य किए, उनकी पूरे विश्व में मिसाल दी जाती है। केंद्रीय मंत्री एवं सांसद के रूप में किए गए उनके कार्यों की आज भी सराहना होती है।
उन्होंने श्रीलंका में आईपीकेएफ के हिस्से के रूप में अभियानों के लिए युद्ध सेवा पदक (वाईएसएम), वर्ष 2005 में आतंकवाद विरोधी बल की कमान संभालते हुए विशिष्ट सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) तथा वर्ष 2009 में पूर्वी मोर्चे पर उनकी असाधारण एवं विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) प्राप्त किया। वे 31 मार्च 2010 को सेना प्रमुख बने तथा 31 मई 2012 को सेवानिवृत्त हुए।
11 मार्च 2011 को जनरल सिंह को यूनाइटेड स्टेट्स वॉर कॉलेज (2001 बैच) के इंटरनेशनल फेलो हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। वे 33वें इंटरनेशनल फेलो एवं पहले भारतीय सशस्त्र बल अधिकारी हैं, जिन्हें इसमें स्थान प्राप्त हुआ।
जनरल सिंह 1 मार्च 2014 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए तथा गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव सफलतापूर्वक लड़ा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने देश में सबसे अधिक अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें विदेश राज्य मंत्री, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डीओएनईआर) के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री एवं प्रवासी भारतीय मामलों के राज्य मंत्री का दायित्व सौंपा गया। विदेश राज्य मंत्री के रूप में उन्होंने एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरेबियन क्षेत्र एवं यूरोप में अनेक द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उन्हें यमन एवं सूडान में गृहयुद्ध के दौरान 7000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाने तथा इराक में आईएसआईएस द्वारा अपहृत एवं मारे गए 39 भारतीयों के पार्थिव शरीर वापस लाने का श्रेय भी प्राप्त है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने गाजियाबाद सीट 5.15 लाख मतों के भारी अंतर से जीती। इसके बाद उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। जून 2021 में उन्हें नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया।
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान लगभग 18 हजार भारतीय छात्र यूक्रेन में फंस गए थे। भारत सरकार ने इन छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ प्रारंभ किया। इस अभियान के तहत जनरल वी.के. सिंह को पोलैंड भेजा गया, जहां से उन्होंने लगभग 4000 छात्रों को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाला।
वर्ष 2023 में उत्तराखंड के सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग ढहने से 41 मजदूर उसमें फंस गए थे। जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रतिनिधि के रूप में 16 दिनों तक वहीं रहकर बचाव अभियान का नेतृत्व किया और सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जनरल वी.के. सिंह ने कहा कि यह भगवान दूधेश्वर नाथ की कृपा एवं श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का आशीर्वाद ही है कि उन्हें देश सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्हें जीवन के प्रत्येक कदम एवं प्रत्येक कार्य में भगवान दूधेश्वर की कृपा तथा श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है और वे इसी प्रकार सदैव देश सेवा करते रहेंगे।इस अवसर मंदिर सेवादार ने भी गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया जिसमें पिंटू सुथार मीडिया प्रभारी दुधेश्वरनाथ, आचार्य लक्ष्मीकांत, शंकर, दीपांकर पाण्डेय आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।



