
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने देश बचाओ मोर्चा के तत्वावधान में
गौतमबुद्धनगर{मनस्वी वाणी}देश बचाओ मोर्चा के तत्वावधान में भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष योगेश वैष्णव ने कार्यकर्ताओ संग भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर के माध्यम से सौंपा।ज्ञापन में कहा गया कि यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए विदेशी कृषि उत्पादों के आयात को बढ़ावा दिया गया, तो इसका सीधा और गंभीर प्रभाव देश के किसानों, कृषि व्यवस्था तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। संगठन ने सरकार से मांग की कि किसी भी प्रकार के व्यापारिक समझौते से पूर्व किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा ऐसा कोई भी निर्णय न लिया जाए जिससे भारतीय कृषि और किसान कमजोर हों।
भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने कहा कि देश का किसान पहले से ही अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी जाती है, तो किसानों की आय और कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए सरकार को किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी सहमति और हितों को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लेना चाहिए।संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी की गई, तो देशभर में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र नागर, राष्ट्रीय प्रवक्ता विपिन खारी, , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा सचिन शर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रोहित भाटी, प्रदेश प्रवक्ता सोरव भाटी, जिलाध्यक्ष जोगेन्द्र नागर उर्फ खिजजू पहलवान, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल भाटी, प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रिजेश भाटी, प्रदेश महासचिव कर्मवीर खारी, प्रदेश महामन्त्री ब्रह्मचंद्र बैरागी,प्रदेश उपाध्यक्ष सोनू खारी, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजीत खरी, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेन्द्र कुलेसरा, प्रदेश संगठन मन्त्री बिजेंद्र भाटी, प्रदेश सचिव नवल, मण्डल महासचिव प्रवीण कौशिक, जिला कोषाध्यक्ष रतीश पंडित,जिला उपाध्यक्ष कपिल शर्मा, जिला प्रवक्ता जीतराम भाटी, योगेन्द्र भाटी, मोनू चौहान, कृषणा आदि बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



