
2025 में 408 और जनवरी-अगस्त 2026 तक 684 अभियुक्त हुए दंडित
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे आॅपरेशन कन्विक्शन के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के जरिए 2025 में 408 और जनवरी से अगस्त 2026 तक 684 अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाई है। इस तरह अभियान के तहत अब तक कुल 1092 अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया है।
पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ के निर्देश पर एक जुलाई 2025 को गठित कन्विक्शन सेल गंभीर मामलों की लगातार निगरानी कर रही है। सेल पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के बीच समन्वय कर समय से चार्जशीट दाखिल कराने, गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और न्यायालय में साक्ष्य मजबूती से रखने का काम कर रही है।
पुलिस के अनुसार 2025 में 21 और 2026 में 27 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा हुई। वहीं 20 वर्ष की सजा पाने वालों की संख्या क्रमश: आठ और 10 रही। पांच से नौ वर्ष की सजा 2025 में 13 और 2026 में 19 अभियुक्तों को मिली। आॅपरेशन के तहत हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो, दहेज हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, गैंगस्टर, एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस के मुताबिक डिजिटल साक्ष्यों के बेहतर प्रबंधन और अभियोजन के साथ समन्वय से दोषसिद्धि की प्रक्रिया को गति मिली है।
दो हत्यारों को उम्रकैद
आॅपरेशन कन्विक्शन के तहत मसूरी थाने के हत्या और दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी गुलशन को हत्या की धारा में आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं सिहानी गेट थाने के हत्या और आयुध अधिनियम के मामले में आरोपी दिनेश दिवाकर को भी आजीवन कारावास समेत अन्य धाराओं में सजा दी गई। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाकर पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है।



