शिक्षा

सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ परीक्षा फल एवं पुरस्कार वितरण समारोह

गाजियाबाद। सरस्वती शिशु मंदिर नेहरू नगर में सत्र 2025 – 26 का वार्षिक परीक्षा फल की घोषणा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि दिव्या त्यागी  सह मंत्री शि.शि.स. , विशिष्ट अतिथि मदनपाल सिंह प्रदेश निरीक्षक शि. शि.स., विनोद गुप्ता एवं शुभम बंसल , प्रबंधक रश्मि गोयल , सह प्रबंधक विक्रम एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या सुधा बाना एवं समस्त आचार्य गण उपस्थित रहे । विद्यालय में अलग अलग पूर्णांक के अनुसार तीन छात्रों ने सर्वाधिक प्राप्त करके विद्यालय का नाम रोशन किया। कक्षा सेकंड से पंचम तक, कक्षा पंचम के पार्थ तेवतिया  ने पूर्णांक 2000 में से 1958 अंक अर्थात 97% अंक प्राप्त करके विद्यालय  टॉप किया। कक्षा फर्स्ट में वैष्णवी ने 1800 पूर्णांक में से 1795अंक प्राप्त करके 99.72% प्रतिशत अंक प्राप्त किये। शिशु वाटिका में 1400 पूर्णांक में 1398 अंक प्राप्त करके 98.85% प्रतिशत प्राप्त किये। इसी प्रकार विद्यालय में 100% उपस्थिति वाले छात्रों में तीन छात्रों को  पुरस्कृत किया। इसके साथ-साथ संस्कृति ज्ञान परीक्षा में प्रथम ,द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया।  मुख्य वक्ता दिव्या ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए बच्चों को उनके माता-पिता की मेहनत और उनका महत्व बताते हुए कहां की कहां की यह आपके पिता का पुरुषार्थ और माता का त्याग ही है जो पूरे वर्ष व्यतीत होने के बाद आज का दिन देखना नसीब होता है ।  आपके प्रथम गुरु आपके माता-पिता ही हैं एवं बच्चों का प्रथम विद्यालय उसका घर होता है । एवं विशिष्ट अतिथि मदनपाल ने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया एवं कहां की निरंतर अभ्यास करो , स्वप्न देखो और उन्हें पूरा करो,  अपने सपनों को बड़ा देखो और उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करो। असफलता से सीखो, असफलता जीवन का हिस्सा है, इससे सीखो और आगे बढ़ो। निरंतर प्रयास करो, इन विचारों को अपनाकर आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसके पश्चात विद्यालय की प्रधानाचार्य सुधा बाना  ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहां कि  शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ हमने भैया बहनों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया है।  शिक्षकों के कठिन परिश्रम, प्रबंध समिति ,अभिभावकों के सहयोग से हम शिक्षण में आधुनिकता व संस्कारों  का समावेश कर पाए । शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्रियां प्राप्त करना नहीं है बल्कि चरित्र निर्माण भी है।  शिक्षा हमें ऊंची उड़ान भरना सिखाती है किंतु हमारे संस्कार हमें अपनी जड़ों को जमीन से जोड़े रखते हैं। माता-पिता का त्याग और गुरु का मार्गदर्शन आपकी असली पूंजी है | और अंत में विद्यालय की प्रबंधक  रश्मि गोयल ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया |

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