
महाकालियों के आंदोलन का पूर्णतः दमन
भाजपा की वरिष्ठ सभासद श्रीमती शशि चौहान ने भी चखा पुलिस दमन का स्वाद
साध्वी आस्था मां भी हुई हाउस अरेस्ट
हताशा और निराशा में डॉ उदिता त्यागी ने यूजीसी एक्ट के विरोध की रणनीति के लिए हिंदू महापंचायत की घोषणा की
मेवात से बिट्टू बजरंगी और पिंकी चौधरी ने किया महापंचायत का समर्थन
गाजियाबाद पुलिस शिवशक्ति धाम डासना की महाकालियों के आंदोलन को पूरी तरह से कुचलने में पूरी तरह से सफल हुई।
यूजीसी एक्ट के विरोध में जगदम्बा महाकाली डासना वाली की बेटियों ने आज उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर अग्नि समाधि लेने की घोषणा की थी।इस घोषणा की मुख्य सूत्रधार डॉ उदिता त्यागी जी घोषणा के दिन से ही अपने घर में पुलिस हिरासत में हैं।वो पुलिस हिरासत में ही में ही आमरण अनशन पर बैठी हुई है। डॉ उदिता त्यागी जी के समर्थन में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज भी शिवशक्ति धाम डासना में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज के शिष्य यति सत्यदेवानंद जी ऊना जिले में,यति रामस्वरूपानंद जी रुड़की में और यति रणसिंहानंद जी मेरठ में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
आज पुलिस ने डासना नगर पंचायत की वरिष्ठ सभासद श्रीमती शशि चौहान और साध्वी आस्था मां सहित अनेक महाकालियों को उनके घर में ही हिरासत में रख लिया है और किसी को भी दिल्ली नहीं जाने दिया।श्रीमती शशि चौहान और उनके पति सतेंद्र चौहान डासना क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ भाजपाई हैं जो राममंदिर आंदोलन में जेल भी जा चुके हैं।
पुलिस की इस दमनात्मक कार्यवाही से पूरे हिंदू समाज में रोष व्याप्त हो गया है।इससे खास तौर से भाजपा से जुड़ी हुई महिलाओं में बहुत निराशा है।महिलाओं की इस निराशा और हताशा को महसूस करके डॉ उदिता त्यागी जी ने 8 फरवरी को शिवशक्ति धाम डासना में यूजीसी का विरोध करने वाले 36 बिरादरियों की हिन्दू महापंचायत का आह्वान किया है।उनके इस महापंचायत के आह्वान का सभी सनातनियों ने स्वागत और समर्थन किया है।मेवात से बिट्टू बजरंगी और हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने इस महापंचायत को समर्थन देते हुए सभी हिंदुओं से 8 फरवरी को शिवशक्ति धाम डासना आने का आह्वान किया है।



