
CSIR वैज्ञानिकों ने पराली से बायो बिटुमिन बनाने की तकनीक विकसित की है। इससे सड़क निर्माण में इस्तेमाल होगा, प्रदूषण घटेगा और पेट्रोलियम आधारित बिटुमिन पर निर्भरता कम होगी।
अब किसानों की खेतों में बची पराली का उपयोग सड़क निर्माण में किया जाएगा। CSIR के वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे पराली से बायो बिटुमिन बनाया जा सकेगा।
इस तकनीक से पेट्रोलियम आधारित बिटुमिन के आयात पर निर्भरता कम होगी और पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण भी घटेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में नई दिल्ली में बायो बिटुमिन तकनीक हस्तांतरण का समारोह आयोजित किया गया। देशभर में 20 से अधिक कंपनियों को बायो बिटुमिन के उत्पादन के लिए लाइसेंस दिया गया है।



