अध्यात्म

सागरः सगे बेटे ने ही माता-पिता के घर की थी 7.5 लाख रुपये की चोरी

सागर, । मध्य प्रदेश के सागर जिले में थाना देवरी पुलिस ने रविवार को चोरी की एक बेहद सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिस बेटे को माता-पिता ने पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी ने उनके विश्वास का खून करते हुए घर में लाखों की चोरी को अंजाम दे डाला। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 7,57,500 रुपये मूल्य का शत-प्रतिशत चोरी गया सामान बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, देवरी के बाजार वार्ड की रहने वाली फरियादिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बीते 18 मई 2026 को वह अपने पति परसोत्तम रैकवार को उपचार दिलाने के लिए सागर लेकर गई थीं। घर से निकलते समय उन्होंने मकान के मुख्य दरवाजे पर ताला लगाया था और उसकी चाबी सुरक्षा के लिहाज से बाथरूम में रखे एक ब्रश के डिब्बे में छिपा दी थी। इस बात की जानकारी केवल परिवार के ही सदस्यों को थी।

अगले दिन यानी 19 मई 2026 की सुबह करीब 08 बजे फरियादिया के भाई गयाप्रसाद ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनके मकान के दरवाजे खुले पड़े हैं और अंदर का पूरा सामान बिखरा हुआ है। चोरी की खबर सुनते ही फरियादिया तुरंत सागर से देवरी पहुंचीं। वहां जाकर देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। मुख्य दरवाजे के ताले गायब थे और अलमारी में रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषण समेत ₹1,00,000 की नगदी गायब थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए देवरी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी देवरी हरिराम मानकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल के हालातों और परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन किया। चूंकि चाबी की जगह सिर्फ घर वालों को पता थी, इसलिए पुलिस का शक अपनों पर ही गया। संदेह के आधार पर पुलिस ने फरियादिया के 27 वर्षीय बेटे शुभम रैकवार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में आरोपी शुभम पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार अपने बयान बदलता रहा। लेकिन जब पुलिस ने वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीके से सख्ती से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर टिक नहीं पाया और टूट गया। शुभम ने कबूल किया कि उसने ही परिवार के भरोसे का फायदा उठाकर इस पूरी चोरी की साजिश रची थी और वारदात को अंजाम दिया था।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी गया शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया है। बरामद किए गए सामान में एक सोने का हार, एक सोने की पांचाली, चार नग सोने की चूड़ियाँ, दो जोड़ी सोने की झुमकी और तीन सोने की अंगूठियाँ, एक चांदी की करधनी, एक जोड़ी बड़ी पायल, तीन जोड़ी सामान्य पायल और तीन जोड़ी बिछड़ी, ₹500-500 के कुल 200 नोट (कुल ₹1,00,000 नगद) इस प्रकार कुल अनुमानित कीमत करीब ₹7,57,500 (सात लाख सत्तावन हजार पांच सौ रुपये)।

पुलिस ने आरोपी शुभम रैकवार (उम्र 27 वर्ष), निवासी बाजार वार्ड देवरी को गिरफ्तार कर आज न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस संवेदनशील और जटिल मामले को सुलझाने में देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर और उनकी पूरी पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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