
,शासन के आदेश के बाद भी स्कूली वाहनों की चेकिंग कागजो तक सीमित
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में व्यवस्थाओं को बेहतर करने और सड़क हादसों की रोकथाम के लिए तमाम तरह के प्रयास करते हुए नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के परिवहन मंत्री द्वारा परिवहन विभाग के समस्त अधिकारियों को हिदायत के साथ निर्देश देने का कार्य किया गया कि मासूम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के वाहनों को चेक किया जाए, यहां तक की चालक के लाइसेंस के अलावा ड्रेस कोड भी जारी किया जाए। लिहाजा आदेश को धरातल पर लाने के लिए प्रदेश के परिवहन मंत्री ने लगातार निर्देश भी जारी किया। बावजूद इसके की अभियान फोटो सेशन तक सीमित रहा और खाना पूर्ति होती हुई नजर आई, इसी कड़ी में आए दिन किसी न किसी स्कूली वाहन के हादसे नजर आ रहे हैं। गानीमत रही की कोई जनहानि नहीं हुई, फिलहाल परिवहन विभाग सरकार की किरकिरी कराने में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है। परिवहन विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि अवैध रूप से सड़को पर दौड़ रहे वाहनों के लिए प्रदेश के परिवहन मंत्री लगातार विभाग को दिशा निर्देश देने का कार्य कर रहे हैं। मगर अभियान कुछ समय के लिए धरातल पर नजर आता है, फिर कागजों तक सीमित रह जाता है। विगत समय में कई ऐसे स्कूली वाहन के हादसे देखने को मिले, जहां ईश्वर की कृपा से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। ताजे मामले में भी देखा गया कि एक स्कूली वाहन डिवाइडर से टकराकर सर्विस रोड पर आ गया। हालांकि इसे एक बड़ी लापरवाही भी माना जा रहा है। परिवहन सूत्रों ने बताया कि अगर परिवहन अधिकारी प्रतिदिन स्कूलों के वाहनों को चेक करें और देखें की ड्रेस कोड लागू है और चालक के पास अपना लाइसेंस है तो संभवत सड़क हादसों में कमी आने की भी आशंका है। इस तरह के सड़क हादसों कारण होने वाले बड़े हादसे से मासूमो को भी बचाया जा सकता है। फिलहाल परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है और अभियान कागजों पर सीमित रहकर फोटो सेशन तक सीमित नजर आया है। पेरेंट्स ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण सड़कों पर आये दिन सड़क हादसे देखने को मिल रहे हैं। इसमें कहीं ना कहीं परिवहन विभाग की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है और पूर्व में पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा भी जिलाधिकारी से लेकर परिवहन अधिकारी तक को पत्र लिखकर स्कूली वाहनों को चेक करने की गुहार भी लगाई गई थी, यहां तक की परिवहन मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र भी लिखा गया था कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए, मगर जैसे ही अभियान का आदेश शासन की तरफ से आया परिवहन विभाग के अधिकारी सड़कों पर उतरे, मगर कुछ ही समय में फोटो सेशन के बाद एसी कमरों में बैठते हुए नजर आए हैं, यानी कहीं ना कहीं परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही और चूक के कारण बड़े हादसे को दावत देते स्कूली वाहन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। वही इस मामले में परिवहन विभाग अब सतर्क होता हुआ नजर आएगा और साफ तौर पर कहा कि प्रत्येक स्कूल के स्कूली वाहनों को चेक करने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारी या कर्मचारी चेक करते नजर आएंगे, अगर इस मामले में किसी भी स्कूल प्रशासन या स्कूली वाहन की लापरवाही नजर आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी, यानी की एक बार फिर परिवहन विभाग के अधिकारी स्कूली वाहनों को चेक करते हुए दिखाई देंगे या सिर्फ खाना पूर्ति के लिए कार्य करेंगे।



