
बागपत/खेकड़ा
सात जन्मो तक साथ निभाने का वादा केवल बातो तक सीमित नही होता। इसका जीवंत उदाहरण बागपत के खेकड़ा कस्बे के मोहल्ला रामपुर मे देखने को मिला। पिछले 10 वर्षो से गंभीर बीमारी से जूझ रही अपनी जीवन संगिनी की दिन-रात सेवा मे लगे ब्रह्मपाल सिंह (80) पत्नी के वियोग को एक पल भी सहन न कर सके। शनिवार शाम पत्नी बिमला देवी (76) के अंतिम सांस लेते ही चंद मिनटो के भीतर ब्रह्मपाल सिंह ने भी अपने प्राण त्याग दिए।
रविवार सुबह जब एक ही आंगन से दो अर्थियां उठी और श्मशान घाट पर दोनो की चिताएं एक साथ जली तो पूरा कस्बा रो पड़ा। राष्ट्रीय लोकदल के नेता स्वर्गीय बलधारी सिंह के पुत्र ब्रह्मपाल सिंह साधन सहकारी समिति के पूर्व सभापति, गांधी इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के सदस्य तथा रालोद किसान प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष रह चुके थे। पत्नी बिमला देवी पिछले 10 वर्षो से चलने-फिरने मे असमर्थ थी। इस दौरान ब्रह्मपाल सिंह ने एक समर्पित पति की तरह उनकी सेवा की।
शनिवार रात बिमला देवी के निधन की खबर से अभी परिवार उभर भी नही पाया था। कि ब्रह्मपाल सिंह ने भी अपने प्राण त्याग दिए। परिजनो के अनुसार पत्नी की मृत्यु के सदमे ने उन्हे भीतर तक तोड़ दिया था। सुबह दोनो की अंतिम यात्रा मे कस्बे और आस पास के गांवो से हजारो की संख्या मे लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।



