
लोक आस्था और सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ गाजियाबाद में पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ चल रहा है। पिछले दिनों नहाय-खाय के साथ इस पावन पर्व की शुरुआत हो चुकी है, जिसने व्रतियों और श्रद्धालुओं के बीच भक्तिमय वातावरण का संचार किया है। आज पर्व के अगले चरण की तैयारी ज़ोरों पर है, जिसके तहत शहर के प्रमुख घाटों को सजाने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का काम तेज़ी से चल रहा है। गाजियाबाद प्रशासन ने इस महापर्व के महत्व को देखते हुए हिंडन नदी के घाटों पर पर्याप्त और विशेष व्यवस्था की है, ताकि व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नगर निगम और स्थानीय समितियों के सहयोग से करीब 120 घाटों को साफ़-सफाई और रोशनी के साथ श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया है।
इन घाटों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रकाश की उचित व्यवस्था की गई है और नदी के किनारों पर बैरिकेडिंग लगाकर गहराई में जाने से रोका गया है। स्थानीय निवासी इस पर्व के लिए काफी उत्साहित हैं, और वे अपने घरों तथा घाटों की साफ़-सफाई में लगे हैं। इस दौरान बाज़ारों में भी विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जहाँ पूजा सामग्री, फल और मौसमी सब्ज़ियों की बिक्री तेज़ी से हो रही है। इस महापर्व के माध्यम से गाजियाबाद में गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक भी देखने को मिलती है, जहाँ सभी वर्ग के लोग एक साथ मिलकर इस पर्व को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। छठ पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति और जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश भी देता है, जो इसे और भी ख़ास बनाता है। व्रतियों का कठिन उपवास और उनकी अटूट आस्था इस पर्व की महानता को दर्शाती है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज़ से भी लोग इन घाटों पर एकत्रित होते हैं। प्रशासन की तैयारी और भक्तों के समर्पण से यह सुनिश्चित है कि इस वर्ष भी छठ महापर्व अत्यंत शांतिपूर्ण और भक्तिमय तरीके से संपन्न होगा।



