
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाला है। एक ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि हर चार में से तीन घरों में कोई न कोई बीमार है। प्रदूषण के साथ-साथ H3N2 जैसे वायरस ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। लोगों को खांसी, जुकाम, गले में दर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। बच्चे और बुजुर्ग इस प्रदूषण के सबसे बड़े शिकार बन रहे हैं। कई अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। सरकार ने स्कूलों और निर्माण कार्यों पर रोक जैसे कदम उठाए हैं। फिर भी प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में नहीं आ पा रहा है। लोगों को मास्क पहनने और घर से कम निकलने की सलाह दी जा रही है। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन और थकान भी आम समस्या बन गई है। एनसीआर के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 से ऊपर पहुंच गया है। इससे साफ है कि हवा अब स्वास्थ्य के लिए जहर बन चुकी है। कई परिवारों में एक साथ दो या तीन लोग बीमार पाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एयर प्यूरिफायर और भाप लेने से कुछ राहत मिल सकती है। जनता अब सरकार से दीर्घकालिक समाधान की मांग कर रही है। यह स्थिति बताती है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण अब एक आपदा का रूप ले चुका है।



