
दिल्ली-NCR में प्रदूषण और कोहरे ने एक बार फिर जनजीवन को बंधक बना लिया है। आज सोमवार, 22 दिसंबर 2025 की सुबह मध्य दिल्ली के ITO इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 429 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। कड़ाके की ठंड और शांत हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब जमा हो गए हैं, जिससे पूरी राजधानी एक गहरे ‘गैस चेंबर’ में तब्दील हो गई है। आनंद विहार, जहांगीरपुरी और विवेक विहार जैसे हॉटस्पॉट्स में भी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ AQI का स्तर लगातार 400 के ऊपर बना हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह जहरीली हवा न केवल फेफड़ों के लिए हानिकारक है, बल्कि हृदय रोगियों और बच्चों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
प्रदूषण के साथ-साथ घने कोहरे ने यातायात की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पालम और सफदरजंग हवाई अड्डों पर सुबह के समय दृश्यता (Visibility) घटकर 100 मीटर से भी कम रह गई, जिसके कारण दिल्ली हवाई अड्डे से संचालित होने वाली दर्जनों उड़ानों में देरी हुई है और कुछ को रद्द करना पड़ा है। रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित है; उत्तर भारत की ओर आने वाली लगभग 25 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने के कारण सुबह के समय हेडलाइट जलाकर रेंगते वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने GRAP-IV की सख्त पाबंदियों को और कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। दिल्ली में गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध है और 50% सरकारी कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) की सलाह दी गई है। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन न देने का नियम भी प्रभावी है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम की सैर से बचें और बाहर निकलते समय अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक कोहरे और खराब हवा से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है, क्योंकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है।



