
भारत और चीन के बीच सुधरते कूटनीतिक संबंधों के बीच, नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक बड़ी सुविधा की शुरुआत की है। सोमवार, 22 दिसंबर 2025 से ‘चाइना ऑनलाइन वीजा एप्लीकेशन सिस्टम’ (COVAS) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब आवेदकों को लंबी कागजी कार्यवाही के लिए बार-बार दूतावास के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब यात्री घर बैठे ही आधिकारिक पोर्टल पर अपना वीजा फॉर्म भर सकते हैं और सभी आवश्यक सहायक दस्तावेज डिजिटल रूप से अपलोड कर सकते हैं। यह कदम विशेष रूप से पर्यटन (L), व्यापार (M), छात्र (X) और वर्क (Z) वीजा श्रेणियों के लिए प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नई प्रक्रिया के अनुसार, आवेदकों को सबसे पहले ‘Visa for China’ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना अकाउंट बनाना होगा। फॉर्म भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद, जब सिस्टम में आवेदन का स्टेटस ‘ऑनलाइन रिव्यू कम्पलीट’ (Online Review Completed) दिखाई देगा और आवेदक को पुष्टि का ईमेल प्राप्त होगा, तभी उसे अपने मूल पासपोर्ट के साथ वीजा केंद्र जाना होगा। हालांकि बायोमेट्रिक्स के लिए अभी भी एक बार व्यक्तिगत रूप से केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है, लेकिन प्रारंभिक चरणों को डिजिटल करके दूतावास ने आवेदकों के समय और श्रम की बड़ी बचत की है। नई दिल्ली के अलावा, मुंबई और कोलकाता के वीजा केंद्रों पर भी इस प्रणाली के विस्तार की योजना है।
यह वीजा अपडेट भारत और चीन के बीच 2020 के सीमा विवाद के बाद से पांच साल के अंतराल के बाद संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक ‘विश्वास बहाली’ (Confidence Building Measure) कदम माना जा रहा है। अक्टूबर 2025 में दोनों देशों के बीच सीधी वाणिज्यिक उड़ानों की बहाली और नवंबर में चीनी नागरिकों के लिए भारत द्वारा पर्यटन वीजा फिर से शुरू किए जाने के बाद यह एक महत्वपूर्ण प्रगति है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिजिटल पहल से व्यापारिक यात्राओं में तेजी आएगी और दोनों देशों के बीच ‘पीपल-टू-पीपल’ संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, चीन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कम की गई वीजा फीस की वर्तमान दरें दिसंबर 2025 के अंत तक लागू रहेंगी।



