
गाजियाबाद जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और हाल ही में हुई हत्या की वारदातों के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार, जिले की स्वात टीम और क्राइम ब्रांच को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है ताकि जघन्य अपराधों में शामिल बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। पुलिस ने चिन्हित अपराधियों की एक सूची तैयार की है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है और बहुत जल्द पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता हाथ लगने की उम्मीद है।
अपराधियों के जिले से बाहर भागने की आशंका को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर इलाकों में सघन चेकिंग अभियान छेड़ दिया है। लोनी, यूपी गेट, और डासना जैसे संवेदनशील प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है और पीआरवी (PRV) वैन को रिस्पांस टाइम कम करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और यदि वे गिरफ्तारी से बचते हैं, तो उनकी संपत्तियों की कुर्की जैसी कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन अब स्थानीय नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित कर रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत ‘112’ नंबर पर दें। किराएदारों और घरेलू सहायकों के पुलिस सत्यापन (Verification) को भी अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है ताकि बाहरी तत्वों पर नजर रखी जा सके। पुलिस के इस कड़े रुख और निरंतर हो रही चेकिंग से न केवल अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा का भाव बढ़ा है। पुलिस के आला अधिकारियों का दावा है कि आने वाले 48 घंटों के भीतर हत्या के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।



