
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ के अवसर पर दुनिया भर में बसे भारतीय समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि प्रवासी भारतीय केवल विदेशों में रहने वाले नागरिक नहीं हैं, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर भारत के ‘राष्ट्रदूत’ हैं। उन्होंने कहा कि भारतीयों ने अपनी मेहनत, निष्ठा और समर्पण से न केवल उन देशों की प्रगति में योगदान दिया है जहाँ वे बसे हैं, बल्कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्यों को भी सात समंदर पार जीवित रखा है। यह दिन उन करोड़ों भारतीयों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भारत का मान बढ़ाया है।
प्रवासी भारतीयों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के हर कोने में भारतीय प्रतिभा का लोहा माना जा रहा है। चाहे वह प्रौद्योगिकी (IT) का क्षेत्र हो, चिकित्सा हो, व्यापार हो या राजनीति, भारतीयों ने अपनी बुद्धिमत्ता और नवाचार से एक विशिष्ट पहचान बनाई है। मोदी जी ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि भारतीय समुदाय संकट के समय में भी मानवता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को चरितार्थ करता है। उनके अनुसार, प्रवासियों की यह सफलता भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति और साख का प्रतिबिंब है, जिससे वैश्विक मंच पर देश का सिर ऊंचा होता है।
अंत में, प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘अमृत काल’ के दौरान भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में प्रवासी समुदाय का ज्ञान, अनुभव और निवेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार की विभिन्न योजनाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से अब प्रवासियों के लिए अपनी मातृभूमि से जुड़ना और भी सरल हो गया है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत अपनी डायस्पोरा की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह दिवस हमारी साझा विरासत को और अधिक सशक्त बनाने और भारत के स्वर्णिम भविष्य की ओर मिलकर कदम बढ़ाने का एक उत्सव है।



