
पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में एक दिन में सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है, जहां एक ही दिन में कुल 147 नई घटनाएं सामने आईं। यह उछाल रबी की फसल की बुवाई के लिए खेतों को साफ करने की जल्दबाजी को दर्शाता है। इस सीजन में अब तक दर्ज किए गए कुल मामलों में तरनतारन और अमृतसर जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) इस खतरनाक चलन को रोकने के लिए सख्ती बरत रहे हैं। इस वृद्धि के बावजूद, अधिकारियों ने कहा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस सीजन में अब तक पराली जलाने के कुल मामलों में रिकॉर्ड गिरावट आई है, जो सरकारी जागरूकता अभियानों और फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनों के वितरण के प्रयासों को दर्शाती है। हालांकि, इस एक दिन के बड़े उछाल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते किसानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। इन मामलों में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं और पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) भी लगाया गया है, जिसे वसूलने की प्रक्रिया भी चल रही है। यह समस्या न केवल पंजाब के लिए, बल्कि पड़ोसी राज्यों, विशेषकर दिल्ली, में वायु प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करने के कारण राष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है।



