
गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी के निवासियों के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत से पूर्व लंबित वाहन चालानों के निस्तारण को लेकर विशेष पहल की गई है। एडवोकेट पं. राजकिशोर शर्मा धतूरीवाला द्वारा केवल गुलमोहर एन्क्लेव के निवासियों के लिए निशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके तहत आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जनपदों के वाहन चालानों के निस्तारण में 50 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की छूट दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
एडवोकेट राजकिशोर शर्मा ने बताया कि इच्छुक निवासी 10 मार्च 2026 तक अपने-अपने वाहनों के चालान आरडब्ल्यूए कार्यालय में जमा करा सकते हैं। इसके लिए आरडब्ल्यूए कार्यालय में कर्मचारी अनुज ठाकुर (मो. 9999750735) के पास एक रजिस्टर रखा गया है, जिसमें निवासी अपना विवरण दर्ज कराते हुए चालान जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि चालान की प्रकृति और विवरण के आधार पर ही छूट का प्रावधान होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई निवासी तत्काल चालान की धनराशि जमा नहीं कराना चाहता है, तो वह चालान का निस्तारण होने के बाद भी राशि दे सकता है। इस सेवा के तहत छूट प्राप्त चालान की धनराशि के अतिरिक्त किसी भी प्रकार का विधिक या अन्य शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एडवोकेट राजकिशोर शर्मा ने निवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस अवसर का लाभ उठाएं और समय रहते अपने चालान जमा करा दें, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उनका निस्तारण कराया जा सके। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निवासी उनके मोबाइल नंबर 9412484990 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी की पूर्व अध्यक्ष व कार्यकारिणी सदस्य रश्मि चौधरी तथा पूर्व महामंत्री आर.के. गर्ग ने कहा कि एडवोकेट राजकिशोर शर्मा द्वारा की गई यह पहल सोसाइटी के निवासियों के लिए बेहद सराहनीय है। इससे कई लोगों को पुराने चालानों से राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने निवासियों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि एडवोकेट पं. राजकिशोर शर्मा धतूरीवाला इलेक्ट्रिकल इंजीनियर होने के साथ-साथ एल.एल.एम. (मास्टर ऑफ लॉ) की डिग्री धारक हैं तथा वर्तमान में गुलमोहर एन्क्लेव आरडब्ल्यूए के बोर्ड सदस्य के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने गुलमोहर एन्क्लेव के निवासियों के आपसी परस्पर विवादों के मामलों में निशुल्क विधिक सहायता प्रदान कर उन्हें सुलझाने की पहल की थी।



