गाजियाबाद

आईएएमआर के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा ड्राई नीडलिंग पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन 

आईएएमआर के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा विद्यार्थियों एवं फिजियोथेरेपी पेशेवरों के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “ड्राई नीडलिंग” विषय पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों से परिचित कराना था।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षक डॉ. राजेश पाल रहे, जो ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी एवं ड्राई नीडलिंग के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को ड्राई नीडलिंग की मूल अवधारणाओं, मायोफेशियल ट्रिगर पॉइंट्स की पहचान, दर्द प्रबंधन में इसकी भूमिका, सुरक्षा मानकों, रोगी चयन, क्लिनिकल संकेत एवं निषेध तथा विभिन्न मस्कुलोस्केलेटल विकारों में इसके प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

कार्यशाला का विशेष आकर्षण इसका हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ मार्गदर्शन में ड्राई नीडलिंग तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। लाइव डेमोंस्ट्रेशन, केस-आधारित चर्चाओं एवं प्रश्नोत्तर सत्र ने प्रतिभागियों के ज्ञान और आत्मविश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर आईएएमआर की चेयरपर्सन सुश्री अंशु बंसल, आईएएमआर ग्रुप डायरेक्टर डॉ. पी.के. वशिष्ठ, प्राचार्या डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. हुमा, डॉ. वैशाली चौधरी एवं डॉ. मानसी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में निरंतर हो रहे नवाचारों के अनुरूप विद्यार्थियों को आधुनिक एवं साक्ष्य-आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के व्यावसायिक विकास तथा बेहतर रोगी देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यशाला में बीपीटी एवं एमपीटी के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने न केवल ड्राई नीडलिंग के सैद्धांतिक पहलुओं को समझा, बल्कि व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से इसकी तकनीकी बारीकियों को भी सीखा। सभी ने इस कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं अपने भविष्य के क्लिनिकल अभ्यास के लिए लाभकारी बताया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ आईएएमआर के फिजियोथेरेपी विभाग ने एक बार फिर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल-आधारित प्रशिक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए तैयार करना है।

Admin

दैनिक समाचार पत्र मनस्वी वाणी‘जो राजधानी दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश—इन तीन राज्यों से एक साथ प्रकाशित होता है’ पिछले दस वर्षों से पाठकों की पसंद और विश्वास के साथ निरंतर प्रकाशित हो रहा है। इस समाचार पत्र ने अपने निष्पक्ष समाचार, सामाजिक सरोकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देकर पाठकों के बीच एक विशेष पहचान बनाई है I

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button