अपराधउत्तर प्रदेश

सीएम योगी की शानदार पहल, सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश

घायल को हॉस्पिटल में भर्ती कराने वाले को इनाम, मगर पुलिस के सवालों को भी रखना होगा ध्यान

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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर रखने का कार्य कर रहे हैं। वहीं सड़क हादसों की रोकथाम के लिए एक शानदार प्रयास करते हुए नजर आए हैं । प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत को लेकर शासन प्रशासन के उच्च अधिकारियों को लगातार दिशा निर्देश देने का कार्य करते हुए नजर आए हैं । इसका खासा असर भी दिखाई दे रहा है। जहां जिला प्रशासन और परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस लगातार सड़कों पर लोगों जागरूक करने का कार्य कर रही है। वहीं जिला प्रशासन जागरूकता लाने के उद्देश्य से लगातार अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मीटिंग करती हुई नजर आई है। जिला प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एक शानदार पहल का आगाज किया गया है। जिसके अंतर्गत अब सड़कों पर होने वाले सड़क हादसों की रोकथाम के लिए जहां तमाम तरह के कार्य किया जा रहे हैं। वहीं आवागमन करने वाले लोगों द्वारा घायल व्यक्ति को अगर हॉस्पिटल में एडमिट कराया जाता है तो उसको 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। जिसकी जमकर प्रशंसा होती हुई नजर आ रही है। इसी बीच जिला प्रशासन की टीम द्वारा सभी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को साथ लेकर मीटिंग के जरिए जागरूकता लाने के उद्देश्य से मीटिंग की गई है । पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले को एडमिट करने वाले को जहां सरकार 25000 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी, तो वहीं कहीं ना कहीं पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी इस और ध्यान देने की आवश्यकता है कि एडमिट करने वाले से ज्यादा पूछताछ ना हो केवल भर्ती करने वाले का नाम पता और घटना का विवरण की जानकारी ही प्राप्त की जाए  । क्योंकि इससे पहले भर्ती करने वाले पुलिस कर्मचारी ऐसे पूछताछ करते हैं जैसे की घटना को उन्होंने ही अंजाम दिया हो, इस कारण से आमजन के लोग घायल को भर्ती करने से हिचकते हुए नजर आते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री की पहल की जमकर प्रशंसा और स्वागत हो रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा घायल को एडमिट करने वाले को 25 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। विश्वत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि पुलिस के अधिकारियों को इस मामले में पुलिस के कर्मचारियों को भी विशेष रूप से निर्देश देने होंगे, जिससे कि आमजन जो जनहित में जो कार्य करता है। उसको किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी बात को लेकर तमाम तरह की जानकारी से पुलिस कर्मचारियों को अवगत कराना होगा। क्योंकि हॉस्पिटल में घायल को एडमिट कराने वाले के साथ कड़ी पूछताछ होने पर आमजन घायल को एडमिट करने से डरने लगता है। यही कारण जिस वजह से लोग सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले को सिर्फ पुलिस को जानकारी देकर ही इतिश्री कर ली जाती है और घायल को भर्ती कराने की जहमत नहीं उठाई जाती । क्योंकि पुलिस की पूछताछ और टॉर्चर से आमजन के लोग काफी घबरा जाते हैं और मदद को भी आगे नहीं आ पाते।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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