
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित केडब्ल्यू सृष्टि सोसाइटी में सामने आए चोरी के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन), कोर्ट संख्या-6 गाजियाबाद ने 24 मार्च 2026 को आदेश जारी करते हुए थाना नंदग्राम पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मामला पीड़िता अर्पिता श्रीवास्तव से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि 25 सितंबर 2025 को दोपहर लगभग 12:48 बजे, जब वह अपने फ्लैट (के-1006) पर मौजूद नहीं थीं, तभी उनकी पड़ोसी श्रीमती कुलजीत ने कथित रूप से डुप्लीकेट चाबी से घर का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया। आरोप है कि आरोपी ने अलमारी में रखी 11.56 ग्राम सोने की चेन, 6.22 ग्राम की डायमंड रिंग और करीब 10 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए।
पीड़िता के अनुसार, पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई, जिसमें आरोपी महिला फ्लैट के अंदर जाते और बाहर निकलते हुए स्पष्ट दिखाई देती है। इसके बावजूद जब पीड़िता ने शिकायत की, तो आरोपी के पति रविंद्र पाल सिंह उर्फ आर.पी. सिंह ने व्हाट्सएप पर धमकी देकर कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, बचाव में पीड़िता के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज कराया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नंदग्राम थाना पुलिस ने इस गंभीर और गैर-समझौतायोग्य मामले को “आपसी समझौता” बताकर बंद कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि जांच रिपोर्ट में फर्जी बयान तक दर्ज किए गए।

मामले में पीड़िता के अधिवक्ता खालिद खान ने कोर्ट में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए न्याय की मांग की। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अदालत ने साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा कि मामला प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का है और इसकी निष्पक्ष विवेचना आवश्यक है। अब पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चोरी गए जेवरों की बरामदगी सहित पूरी जांच करनी होगी। यह मामला “चोरी ऊपर से सीना जोरी” की कहावत को चरितार्थ करता नजर आ रहा है।



