
नई दिल्ली:: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरणादायक प्रयासों को देशवासियों के सामने रखा। उन्होंने ऐसे कई उदाहरणों का जिक्र किया, जो नए भारत की बदलती तस्वीर को दिखाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे प्रेरणादायक प्रयासों को देशवासियों के सामने रखा।
इस बार उन्होंने युवाओं की भागीदारी से लेकर शिक्षा में नवाचार, जल संरक्षण की अनोखी पहलों से लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही महिला मछुआरों तक…ऐसे कई उदाहरणों का जिक्र किया, जो नए भारत की बदलती तस्वीर को दिखाते हैं।
पीएम ने युवा शक्ति को अलग-अलग गतिविधियों से जोड़ने के लिए MY Bharat संगठन के प्रयासों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने बेंगलुरु में Prayog Institute of Education Research द्वारा चलाई जा रही शिक्षा की अनोखी पहल पर भी बात की।
छत्तीसगढ़ में किसानों द्वारा अपने खेतों में छोटे – छोटे रिचार्ज तालाब और तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गाँव soak pit water conservation की पहल से पीएम मोदी बहुत ही प्रभावित हुए और इसे ग्राउंड वाटर को बेहतर बनाने के लिए एक कारगर और प्रभावशाली कदम करार दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि देश में मछुआरे भाई-बहन सिर्फ समुद्र के योद्धा नहीं हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत की एक मजबूत नींव है। ओडिशा के सम्बलपुर की सुजाता भूयान जी एक गृहणी थीं, लेकिन वो कुछ नया करके अपने परिवार की मदद करना चाहती थीं, इसलिए कुछ वर्ष पहले उन्होंने हीराकुंड reservoir में Fish-Farming शुरू की, केवल दो-तीन वर्ष के भीतर उन्होंने अपने प्रयास को एक फलते-फूलते business में बदल दिया।
साथ ही, पीएम ने लक्षद्वीप में मिनीकॉय के हाव्वा गुलजार जी की कहानी और माताओं-बहनों की अद्भुत संकल्प-शक्ति का उल्लेख किया।



