गौतम बुद्ध नगर

उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकाें के न्यूनतम वेतन में की अंतरिम बढ़ोतरी, 1 अप्रैल से हुईं लागू

नोएडा । जनपद गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकाें के प्रदर्शन के चलते औद्योगिक सामंजस्य एवं शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में तात्कालिक रूप से अंतरिम वृद्धि कर दी है। जिसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी कुशल श्रेणी के श्रमिकों के लिए की गई है। यह वृद्धि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलाें में सबसे अधिक 21 प्रतिशत तक की गई है। सरकार ने यह नई अंतरिम वेतन दरें एक अप्रैल 2026 से ही प्रभावी होंगी।

मंगलवार काे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष व अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के आफिस में एक प्रेस वार्ता कर उक्त जानकारी दी। दीपक कुमार ने हाल में हुए घटनाक्रमों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया गया हे। उन्हाेंने बताया कि इस अंतरिम वेतन वृद्धि के अनुसार अकुशल श्रमिकों का वेतन 11313 से बढ़ाकर 13690 रूपये कर दिया गया है। अर्द्ध कुशल श्रमिकों का वेतन 12,445 से बढ़ाकर 15059 रूपये किया गया है, जबकि कुशल श्रमिकों का वेतन 13940 से बढ़ाकर 16868 किया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य नगर निगम वाले जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 से बढ़ाकर 13006 रूपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,445 से बढ़ाकर 14306 रुपये तथा कुशल श्रमिकों का वेतन 13940 से बढ़ाकर 16025 रूपये कर दिया गया है।

उन्हाेंने बताया कि इसी प्रकार अन्य जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 से बढ़ाकर 12356 रूपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12445 से बढ़ाकर 13591 रूपये तथा कुशल श्रमिकों का वेतन 13940 से बढ़ाकर 15224 रूपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने श्रमिकों को सीधी आर्थिक राहत दी गई है। साथ ही आगामी माह में गठित होने वाले वेज बोर्ड की अनुशंसाओं के आधार पर स्थायी न्यूनतम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य, पेंशन एवं उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी नई योजनाओं पर भी विचार कर रही है।

दीपक कुमार ने बताया कि सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हुई हिंसात्मक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। समिति ने नोएडा पहुंचकर पूरे प्रकरण की गहन जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 20 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन लागू होने संबंधी खबरें फैलीं, जो पूरी तरह भ्रामक एवं निराधार हैं। उन्होंने बताया कि वास्तविक स्थिति यह है कि केंद्र सरकार ने नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर ‘फ्लोर वेज’ निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिसका उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है।उसी के अनुरूप राज्य सरकार भी नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों एवं अन्य सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि समिति ने विभिन्न चरणों में श्रमिकों एवं नियोक्ताओं के साथ बैठकें की। श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण था, जिसमें वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दाेगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी मांगें शामिल थीं। उन्होंने हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई। उनके अनुसार नियोक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योग जगत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और निर्यात में कमी ने उद्योगों पर दबाव बढ़ाया है। इसके बावजूद श्रमिकों की मांगों को उन्होंने प्रासंगिक एवं विचारणीय बताया।

समिति ने प्रेस वार्ता में बताया कि जनपद स्तर पर श्रमिकों के वेलफेयर एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके नम्बर 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 हैं, इस कन्ट्रोल रूम के माध्यम से श्रमिक अपनी किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में औद्योगिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक एवं बाहरी तत्वों के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे तत्व न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि श्रमिकों और उद्योगों के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी कमजोर करते हैं। प्रशासन ने इन तत्वों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया है। पहचान किए गए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्हाेंने कहा कि सरकार स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहती है कि शांति एवं विकास के वातावरण को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रमुख सचिव (श्रम) उत्तर प्रदेश डाॅ एमकेएस सुंदरम, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम , निर्यात प्रोत्साहन, खादी और ग्रामोद्योग विभाग उत्तर प्रदेश आलोक कुमार एवं सदस्य सचिव श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश (कानपुर) मार्कण्डेय शाही, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना विकास प्राधिकरण राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम उपस्थित रहे।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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