शिक्षा

एसआरएम आईएसटी दिल्ली-एनसीआर परिसर में खेल 2026 का भव्य शुभारंभ

संवाददाता
मेरठ-दिल्ली मार्ग पर स्थित शर्म, गाजियाबाद में एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसआरएम आईएसटी) दिल्ली-एनसीआर परिसर ने 15 अप्रैल 2026, बुधवार को ईश्वरी ऑडिटोरियम में “खेल 2026” का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह, अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना जगाना था, जिसका संदेश “जो खेले वो खिले” के माध्यम से दिया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जहां खेलों के जरिए अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क को मजबूत किया गया।
कार्यक्रम का आगाज प्रातः 10:00 बजे मंगलाचरण (आह्वान) से हुआ। इसके ठीक बाद 10:05 बजे दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना की गई। डॉ. नवीन अहलावत, डीन-कैंपस लाइफ और खेल 2026 के संयोजक ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का अभिनंदन किया।
डॉ. धौमया भट्ट, डीन-आईक्यूएसी ने “निष्पक्ष खेल, सम्मान और अखंडता” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने खेल भावना में नैतिक मूल्यों के महत्व पर जोर दिया। इसके बाद डॉ. आर.पी. महापात्रा, डीन ने “मैदान के अंदर और बाहर की दौड़” विषय पर छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने खेल और जीवन दोनों में उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा दी।
निदेशक डॉ. एस. विश्वनाथन ने “विजेता मानसिकता: मैदान से सीख” पर बोलते हुए विजेता बनने की मानसिकता विकसित करने पर बल दिया। मुख्य अतिथि अर्जुन देशवाल (भारतीय कबड्डी खिलाड़ी और डीएसपी, उत्तर प्रदेश पुलिस-खेल) ने 10:30 बजे उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने अपने प्रेरक अनुभव साझा कर छात्रों को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
10:35 बजे प्रतिभागियों ने मेजर ध्यानचंद ग्राउंड की ओर मार्च पास्ट (जुलूस) किया। 10:45 बजे टॉर्च रन ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया। अंत में 11:00 बजे “खेल 2026” को औपचारिक रूप से उद्घाटित घोषित कर दिया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। यह कार्यक्रम गाजियाबाद क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। 

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button