नई दिल्लीI सरकार 16 से 18 अप्रैल के विशेष सत्र में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन बिल लाएगी। परिसीमन के आधार पर लोकसभा सीटें बढ़ाने का भी प्रस्ताव शामिल है।
केंद्र सरकार 16 से 18 अप्रैल को संसद के चलने वाले विशेष सत्र में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बड़ा हिस्सा देने के उद्देश्य से एक अहम संविधान संशोधन बिल पेश करने जा रही है। इस प्रस्तावित बिल के तहत लोकसभा और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।
बिल के मसौदे के अनुसार, लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित होंगी। सीटों की संख्या में यह बढ़ोतरी परिसीमन (डिलिमिटेशन) के आधार पर की जाएगी। ये साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होगी।
सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाई जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की ‘नारी शक्ति’ को पत्र लिखकर इस पहल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। सरकार का मानना है कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाई जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की ‘नारी शक्ति’ को पत्र लिखकर इस पहल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। सरकार का मानना है कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।



