अपराध

पुलिस के लिए गले की फांस ना बन जाए केश वैन लुटेरे मुठभेड़ मामला

  • पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे दो एक-एक लाख के इनामी बदमाश
  • पीड़ित पिता ने न्यायालय से लगाई गुहार
  • अधिवक्ता ने मुठभेड़ को कटघरे में किया खड़ा

गाजियाबाद। कमिश्नरेट के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर छह मई को गनपॉइंट पर एटीएम कैश वैन चालक को बंधक बनाकर हाइवे पर घुमाने के बाद लाखों रुपए की लूट की घटना को अंजाम देने के मामले में पुलिस द्वारा दो बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का कार्य किया था तो वही पुलिस द्वारा मुठभेड़ में दो बदमाशों को मार गिराया गया था मुठभेड़ का मामला अब तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है।  जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि छह मई को नेशनल हाईवे नाइन पर कैश वैन में डकैती डालने वाले दो बदमाश वारदात के 14 दिन बाद भी पुलिस की नजर से बाहर दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने वांछित दोनों की गिरफ्तारी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। वही परिजनों का मानना है कि दोनों युवक पुलिस की हिरासत में हैं। तथा पुलिस की टीम दोनों वांछित लुटेरों को जल्द गिरफ्तार क़रने का दावा कर रही है। 

पीड़ित के अधिवक्ता ने कोर्ट में लगाई अर्जी

मुठभेड़ में मारे गए एवं वांछित दो बदमाशों के परिजनों ने अधिवक्ता खालिद खान के जरिये से जिला जिला जज न्यायालय में याचिका डाल कर मुठभेड़ पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। तथा वांछित दोनों बदमाशों के साथ मुठभेड़ की आशंका भी जताई गई है। वही अधिवक्ता और परिजनों के अनुसार दोनों को वांछित पुलिस की हिरासत में है।

पुलिस रेकॉर्ड के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों पर एक एक लाख का था इनाम

12 मई2026 को मुठभेड़ के दौरान कैश वैन से 27 लाख रुपये लूटने के आरोपी जुबैर और समीर को पुलिस टीम ने मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया था। जबकि लूट की योजना बनाने और लूट में शामिल मोहम्मद कैफ और रिजवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जबकि दो अन्य लुटेरे फिरोज और जुबैर का भाई शोएब भी मामले में वांछित चल रहे हैं। पुलिस ने दोनों वांछित बदमाशों की गिरफ्तारी पर एक-एक लाख का इनाम घोषित कर रखा है। हालांकि डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि वांछित दोनों लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। दोनों बदमाश फिलहाल एक्टिव नहीं हैं, न मोबाइल प्रयोग कर रहे हैं और न ही कोई खरीदारी कर रहे हैं। फिलहाल दोनों की लोकेशन भी नही मिल रही है। जल्द ही दोनों वांछितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।

पुलिस मुठभेड़ में सवालिया निशान

पीड़ित के अधिवक्ता खालिद खान का आरोप है कि शोएब और फिरोज पुलिस हिरासत में हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि पुलिस कभी भी दोनों का एनकाउंटर कर सकती है। अधिवक्ता ने बताया कि जुबैर और समीर की मुठभेड़ में यूपी पुलिस रूल्स रेगुलेशन 2014 और 2016 का पुलिस ने उल्लंघन किया है। मुठभेड़ के दौरान जिस उप निरीक्षक की बुलेटप्रूफ जॉकिट में गोली लगी है उन्हें ही जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। नियमानुसार उनको जांच अधिकारी नहीं बनाया जा सकता। ह्यूमन राइट कमीशन को रिपोर्ट नहीं भेजी गई और मजिस्ट्रेट को भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई। ऐसे में जिला न्यायालय में परिजनों की ओर से याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता ने बताया कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकता है, अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो क्योंकि मुठभेड़ में मारे गए दोनों युवको के खिलाफ इससे पहले कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, ना ही पुलिस ने न्यायालय से एनबीडब्ल्यू लिए और ना ही उनकी कुर्की के आदेश न्यायालय से लिए गए। सीधा मुठभेड़ दिखाई गई है, जो सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के विपरीत है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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