राजनीति

चुनावी रणभेरी से पहले मयंक गोयल ने कसी संगठन की कमान

मंडल अध्यक्षों और प्रभारियों को एक साथ बैठाकर तैयार किया आगामी कार्यक्रमों का ‘मास्टर प्लान’
मनस्वी वाणी, संवाददाता

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए संवाद, समन्वय और अनुशासन सबसे बड़े हथियार हैं। आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर उन्होंने मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रभारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर पूरे महानगर संगठन को चुनावी मोड में ला दिया।
बैठक में मयंक गोयल ने साफ संदेश दिया कि भाजपा का संगठन केवल पदों से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और टीम भावना से चलता है। उन्होंने मंडल अध्यक्षों और प्रभारियों को एक साथ बैठाकर आगामी कार्यक्रमों का ऐसा खाका तैयार किया, जिससे बूथ स्तर तक संगठन को और सक्रिय बनाने की रणनीति तय की गई।
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मयंक गोयल ने संगठन के हर स्तर पर जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए यह सुनिश्चित किया कि आने वाले दिनों में महानगर की प्रत्येक इकाई पूरी ताकत के साथ मैदान में नजर आए। बैठक में सदस्यता विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, जनसंपर्क अभियान और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मयंक गोयल ने पदाधिकारियों से कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ता है। संगठन में संवाद और समन्वय बनाए रखते हुए हर कार्यक्रम को सफल बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि गाजियाबाद महानगर संगठन को प्रदेश में एक आदर्श इकाई के रूप में स्थापित करना उनका लक्ष्य है।
बैठक के दौरान मंडल अध्यक्षों और प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने का भरोसा दिलाया। कई पदाधिकारियों ने माना कि मयंक गोयल के नेतृत्व में महानगर संगठन नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है।
बैठक के बाद कार्यकतार्ओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पदाधिकारियों का कहना था कि महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन न केवल मजबूत हो रहा है, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता को सम्मान और जिम्मेदारी दोनों मिल रही हैं।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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