गाजियाबाद

अशोक संत का फिर यू-टर्न, आईडी हैक की दलील पर उठे सवाल

पहले मयंक गोयल के समर्थन में लिखी थी भावुक पोस्ट, अब विरोधी टिप्पणियों के बाद बदला रुख
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। भाजपा नेता अशोक संत एक बार फिर अपनी सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर चर्चा में हैं। हाल के दिनों में महानगर भाजपा अध्यक्ष मयंक गोयल के खिलाफ की गई टिप्पणियों के बाद मंगलवार सुबह अशोक संत ने अचानक यू-टर्न लेते हुए दावा किया कि उनकी सोशल मीडिया आईडी हैक हो गई थी। हालांकि उनकी यह सफाई राजनीतिक और सामाजिक हलकों में लोगों के गले नहीं उतर रही है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दरअसल, महानगर कार्यकारिणी की घोषणा से पहले अशोक संत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा था कि वह मयंक गोयल के कहने पर ह्लअपनी गर्दन भी कटवा सकते हैं।ह्व उस समय उनकी पोस्ट को संगठन के प्रति निष्ठा और महानगर अध्यक्ष के प्रति विश्वास के रूप में देखा गया था। लेकिन पिछले कुछ दिनों में अशोक संत का रुख पूरी तरह बदलता नजर आया। उनके सोशल मीडिया अकाउंट से महानगर अध्यक्ष के खिलाफ लगातार तीखी टिप्पणियां की गईं। इतना ही नहीं, वाल्मीकि समाज की ओर से मयंक गोयल के विरोध में प्रेसवार्ता किए जाने संबंधी संदेश भी प्रसारित किए गए। भाजपा के भीतर इस प्रकार की खुली बयानबाजी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चचार्एं तेज हो गईं।
मंगलवार सुबह अशोक संत ने नई पोस्ट जारी कर कहा कि उनके अकाउंट से की गई विवादित पोस्ट उनकी जानकारी के बिना डाली गईं और उनकी आईडी हैक कर ली गई थी। इसके बाद उन्होंने स्वयं को उन पोस्टों से अलग बताया। हालांकि सोशल मीडिया पर अनेक लोगों ने इस सफाई पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद आईडी हैक का तर्क देना अब एक पुरानी और सुविधाजनक रणनीति बन चुकी है। इसी कारण अशोक संत की सफाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चुटकियां ली जा रही हैं। भाजपा संगठन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय राजनीति में यह घटनाक्रम चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संगठन इस प्रकरण को किस तरह देखता है और क्या कोई औपचारिक कदम उठाया जाता है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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