
प्रताप विहार मंडल में व्हाट्सऐप ग्रुप को लेकर बढ़ा विवाद
मंडल अध्यक्ष पर महामंत्री और मंत्री को ग्रुप से हटाने का आरोप
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। विधानसभा और संगठनात्मक चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गाजियाबाद के प्रताप विहार मंडल में मंडल अध्यक्ष द्वारा दो पदाधिकारियों को व्हाट्सऐप ग्रुप से हटाए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय संगठन में असंतोष की चर्चा तेज कर दी है और कार्यकतार्ओं के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, प्रताप विहार मंडल अध्यक्ष ने मंडल महामंत्री नीतीश भट्ट तथा मंडल मंत्री दीपक यादव को मंडल के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप से बाहर कर दिया। बताया जा रहा है कि यह पहला अवसर नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इसी प्रकार की कार्रवाई की चर्चा सामने आ चुकी है।

भाजपा संगठन में कार्यकर्ता को सर्वोपरि मानने की परंपरा रही है। पार्टी अपने कार्यकतार्ओं को अनुशासन, संवाद और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का संदेश देती रही है। ऐसे में संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत महामंत्री और मंत्री को बिना स्पष्ट कारण ग्रुप से हटाए जाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए मंडल अध्यक्ष पर मनमानी और हटधर्मिता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संगठनात्मक विषयों पर संवाद और समन्वय के बजाय व्यक्तिगत निर्णयों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे कार्यकतार्ओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है।
वहीं, पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि उन्हें इस प्रकरण की आधिकारिक जानकारी नहीं है। यदि मामला उनके संज्ञान में आता है तो संगठनात्मक स्तर पर इसकी समीक्षा की जा सकती है। जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले भाजपा संगठन अपने ढांचे को मजबूत करने में जुटा है। ऐसे समय में यदि आंतरिक मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं तो यह संगठनात्मक एकजुटता पर असर डाल सकता है। कार्यकतार्ओं की अपेक्षा है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेकर संवाद के माध्यम से समाधान निकालेगा। फिलहाल प्रताप विहार मंडल का यह विवाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और संगठनात्मक समरसता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


