उत्तर प्रदेशगाजियाबाद

सरकारी पैसे की फिर हो गई बंदर बॉट!

लीलावती स्कूल में भ्रष्टाचार की भेट चढ़ा एक कमरा
एक जनप्रतिनिधि की स्वीकृति पर पास हुआ था स्कूल के कमरे का बजट
13 लाख, 70 हजार का कमरा, 6 लाख का खर्च! बाकी रकम गई कहां?

मनस्वी वाणी, संवाददाता

गाजियाबाद। मुरादनगर स्थित लीलावती स्कूल में बना एक कमरा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है कमरे के निर्माण पर खर्च हुई राशि को लेकर उठ रहे सवाल। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि जिस कमरे के निर्माण पर करीब 6 लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा है, उसके लिए 13.70 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि आखिर शेष राशि कहां खर्च हुई?
जानकारी के अनुसार स्कूल परिसर में लगभग 37 गुणा 20 फीट का एक कमरा बनाया गया है। आरोप है कि एक जनप्रतिनिधि की संस्तुति पर इस निर्माण कार्य के लिए 13 लाख 70 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी, जबकि निर्माण की वास्तविक लागत इससे काफी कम रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ-साथ लागत को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
चर्चा का विषय बना निर्माण कार्य
स्कूल का यह कमरा अब क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि निर्माण की लागत वास्तव में कम थी तो स्वीकृत बजट का पूरा उपयोग किस मद में किया गया। वहीं कुछ लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी उठाई है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
हालांकि संबंधित विभाग या निर्माण एजेंसी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। लेकिन सरकारी धन के उपयोग को लेकर उठे सवालों ने एक बार फिर विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन इस मामले की जांच कराएगा और यदि अनियमितता मिली तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या नहीं।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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