गांधी जयंती पर प्रदेशभर में मनेगा ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं

लखनऊ। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के गांवों में ग्राम सभाएं ‘सुधार उत्सव’ के रूप में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में रोजगार, महिला आजीविका, पेयजल, स्वच्छता, जमीन, राशन, उपभोक्ता अधिकार, सहकारिता, कानूनी जागरूकता, बाल विवाह और नशामुक्ति जैसे विषयों पर चर्चा होगी। 11 मंत्रालयों और विभागों से जुड़े एजेंडे को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों तक पहुंचाने की तैयारी है।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ गांवों की स्थानीय जरूरतों और समस्याओं की पहचान कर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करना है। ग्राम सभा यह तय कर सकेगी कि रोजगार, जल संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कौन से काम पहले किए जाएं।
ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G के तहत पात्र परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने की जानकारी भी दी जाएगी। योजना में जल संरक्षण, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य शामिल हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ‘लखपति दीदी’ के बाद आय बढ़ाकर ‘करोड़पति दीदी’ के स्तर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी चर्चा होगी। उद्यम, बाजार से जुड़ाव और SHE-MART जैसी पहलों के जरिए महिलाओं को सहायता देने पर जोर रहेगा।
जल जीवन मिशन 2.0 के तहत नियमित और सुरक्षित पेयजल, जबकि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत कचरा प्रबंधन और ODF Plus मॉडल पर चर्चा होगी। वर्षा जल संचयन, तालाबों और रिचार्ज पिट के पुनर्जीवन को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा उपभोक्ता शिकायतों के लिए 1915 हेल्पलाइन और ई-जागृति, नए आपराधिक कानूनों, सहकारी समितियों के विस्तार, स्वामित्व योजना, बाल विवाह रोकथाम और नशामुक्ति अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। ग्राम सभाओं में तय प्राथमिकताओं को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में शामिल किया जा सकेगा।



