
सात साल से जुटे हैं सेवा में, यूडीआईडी कार्ड से लेकर रोजगार और आधुनिक तकनीक तक दिला रहे मदद
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और अधिकारों का लाभ दिलाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में 26 वर्षीय आशुतोष पिछले सात वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं। नीव शक्ति संस्था से जुड़े आशुतोष दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, सरकारी योजनाओं, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने में सहयोग कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के दौर में भी उन्होंने दिव्यांगजनों तक कोविड वैक्सीनेशन और जरूरी सहायता पहुंचाने में सहयोग किया। इसके बाद उन्होंने दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी काम शुरू किया।
वर्तमान में आशुतोष दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए एआई ग्लासेज जैसी तकनीक को लाभार्थियों तक पहुंचाने और उन्हें इसके इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने में सहयोग कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि तकनीक का इस्तेमाल कर दृष्टिबाधित लोगों के लिए रोजमर्रा के कामों को आसान बनाया जा सके और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलें।
आशुतोष का कहना है कि केवल प्रमाण-पत्र या सरकारी सहायता दिलाना ही पर्याप्त नहीं है। जरूरत इस बात की है कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर भी मिलें। इसी सोच के साथ वह लगातार जरूरतमंद लोगों को संबंधित विभागों और योजनाओं से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से संचालित योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है। मिशन समर्थ समेत आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों के तहत दिव्यांगजनों को सहायता के साथ स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। आशुतोष ने कहा कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना ही उनके सेवा संकल्प का उद्देश्य है। उनका मानना है कि जब दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों की जानकारी, सरकारी योजनाओं तक पहुंच और रोजगार के अवसर मिलेंगे, तभी वे पूरी तरह स्वावलंबी बन सकेंगे।



