
पितृ पक्ष पर प्रदेशवासियों को संबोधित मुख्यमंत्री की पाती खूब चर्चा में
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पितृ पक्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम अपनी साप्ताहिक पाती में सनातन परंपरा और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष अतीत को याद करने भर का अवसर नहीं] बल्कि अतीत] वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाली जीवन&दृष्टि है। अपनी पाती में सीएम योगी ने शाहजहां और औरंगजेब से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा किले में कैद शाहजहां और उनके पुत्र औरंगजेब के प्रसंग को सामने रखते हुए कहा कि शाहजहां ने पानी के लिए व्यग्र होकर अपने पुत्र को पत्र लिखा था। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने सनातन परंपरा में पूर्वजों को जल अर्पित करने और उनके प्रति श्रद्धा की भावना को रेखांकित किया।
पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध और तर्पण के माध्यम से हम अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। पूर्वजों से मिली स्वस्थ] सुरक्षित और समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने हमें जो कुछ दिया है] उसे संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को उससे अधिक समृद्ध विरासत सौंपना हमारा धर्म है। यही भावना परिवार को जोड़ती है और समाज तथा राष्ट्र को नई ऊर्जा देती है।
स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने पितृ पक्ष के दौरान लोगों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आसपास झाड़ियां न उगने दें] जलभराव से बचें और बुखार जैसे लक्षणों को गंभीरता से लें। उन्होंने ^दस्तक* अभियान के जरिए स्वास्थ्य जागरूकता को हर घर तक पहुंचाने का आश्रन किया।
मुख्यमंत्री के संदेश के अनुसार] स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के आधार पर ही विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
इस वर्ष पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू हुआ है और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा।



