
चौपाल के मड़ावग में बदहाल सड़कें बनीं बागवानों की परेशानी,
खिड़की से मड़ावग-बमटा-माटल तक सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, बागवानों ने सीजन खत्म होने से पहले सड़कें सुधारने की उठाई मांग
शिमला जिले के चौपाल का मड़ावग क्षेत्र सेब उत्पादन के लिए देशभर में पहचान रखता है, लेकिन इन दिनों क्षेत्र की बदहाल सड़कें बागवानों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सेब सीजन अभी जोरों पर है, लेकिन सड़कों की खराब स्थिति के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।लोगों के अनुसार, सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे सेब से लदी गाड़ियों के पलटने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि खिड़की से मड़ावग तक पहले भी कई वाहन दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। मड़ावग, बमटा और माटल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सेब उत्पादन होता है और यहां की फसल इसी सड़क मार्ग से मंडियों तक पहुंचाई जाती है। ऐसे में सड़क की बदहाली से सेब ढुलाई प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई सड़कों पर केवल फोर-बाई-फोर वाहन ही सुरक्षित रूप से चल सकते हैं, जबकि सेब सीजन में ऐसे वाहनों की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले कांग्रेस नेताओं और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की ओर से भी सड़कों की स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनके अनुसार अभी तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि सेब सीजन समाप्त होने से पहले सड़कों की हालत सुधारी जाए, ताकि बागवानों की फसल सुरक्षित मंडियों तक पहुंच सके और सड़क दुर्घटनाओं के खतरे को कम किया जा सके।



