नई दिल्लीराजनीति

यूजीसी एक्ट के विरोध में आंदोलन

# ghaziabad Protest against the UGC Act

गाजियाबाद। भाजपा नेत्री डॉ उदिता त्यागी के समर्थन में जुटे महिला और पुरूष। डॉ उदिता त्यागी ने नजरबंद होने पर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ अनशन शुरू किया है। इस दौरान डासना नगर पंचायत से सभासद शशि चौहान के नेतृत्व में अनशन में शामिल होकर बड़ा एलान करते हुए कहाकि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर जगदम्बा महाकाली डासना वाली की बेटियां अग्निसमाधि लेगी। यती महादेवनंद अपने साथियों के साथ धरने पर आकर अपना समर्थन दिया। भाजपा नेत्री निशी त्यागी,ज्योति त्यागी ने सैकड़ों नेत्रियों के साथ दिन भर अनशन स्थल पर रह कर डॉ उदिता त्यागी का समर्थन किया। शिवशक्ति धाम डासना में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के अनशन के दूसरे दिन डासना नगर पंचायत की वरिष्ठ सभासद शशि चौहान ने यूजीसी एक्ट के विरोध में चल रहे आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने संकल्प लिया कि डॉ उदिता त्यागी को नजरबंद करके सरकार यह ना सोचे कि जगदम्बा महाकाली की बेटियों को समर्पण के लिए मजबूर कर लेगी।यह हमारे बच्चों के जीवन का प्रश्न है।अब सारी महाकाली की बेटियां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर अग्निसमाधि लेने के लिए कृतसंकल्पित है।अगर सरकार यह काला कानून वापस नहीं लेती तो हम भी अपना आंदोलन नहीं रोकेंगे। सरकार चाहे कुछ कर ले पर ये कानून वापस होने तक यह आंदोलन चलता ही रहेगा। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज और डॉ उदिता त्यागी ने भी आंदोलन को गति देने के लिए योजना बसनानी शुरू कर दी है। यति नरसिंहानंद गिरी महाराज का कहना है कि सरकार उनकी आवाज को पूरी तरह से कुचल चुकी है और अब किसी दिन अपने राजनैतिक लाभ के लिए उनकी हत्या करवाने की योजना बना रही है।ऐसे में उन्हें गंभीरता से विचार करना होगा कि वो अग्निसमाधि लेकर हिन्दू को समाप्त करने पर उतारू सरकार को मुक्त कर दे या इसी तरह बंदी का जीवन जीते हुए मृत्यु का इंतजार करें। समर्थन देने वालो में शिव सेना नेता महेश आहूजा,आरएलडी नेत्री दीप माला चौधरी,सैनिक संस्थान के पदाधिकारी ज्ञानेंद्र, सुमन त्यागी, वंदना, तेजबीर त्यागी, अजय त्यागी, मुकेश त्यागी आदि ने भी उन्हें समर्थन दिया।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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