मेरठ पुलिस का एक्शन… एजुकेशन माफियाओं का भंडाफोड़
1 हजार नकली किताबों के साथ एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़

– मेरठ पुलिस ने मवाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एनसीईआरटी की लगभग 11 हजार नकली किताबों के साथ एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है… ये किताबें बाहर से देखने में बिल्कुल असली NCERT किताबों जैसी लगती थीं, लेकिन अंदर से पूरी तरह नकली थीं… पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है… शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत आसपास के राज्यों में नकली पाठ्यपुस्तकें वितरित कर रहा था… पुलिस ने कैसे पकड़ा इस गिरोह को, आइए जानते हैं… ग्राफिक्स इन – हेडर – पुलिस ने कैसे किया गिरोह का भंडाफोड़ ? – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था – अभियान के तहत पुलिस टीम ग्राम कुड़ी कमालपुर नहर पुल पर चेकिंग कर रही थी – चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहन को पुलिस ने रोका और गाड़ी में बैठे लोगों से रखे सामान के बारे में पूछा – पूछताछ में तीन व्यक्तियों राहुल यादव, राहुल और बाबर ने बताया कि इसमें कक्षा एक से 12 तक की नकली किताबें हैं – आरोपियों की निशानदेही से गांव मटौरा स्थित एक गोदाम पर छापेमारी की गई – छापेमारी में पुलिस को मौके से 11 हजार नकली किताबें मिलीं – बरामद नकली किताबों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये है ग्राफिक्स आउट – बाइट – पंकज लवानिया, सीओ मवाना, मेरठ वीओ – पुलिस ने मामले की सूचना NCERT के विशेषज्ञों को भी दी। विशेषज्ञों ने जांच की और पुष्टि की कि ये किताबें पूरी तरह नकली हैं। जांच में आगे पता चला कि आरोपी इन नकली किताबों को कम लागत में तैयार कर रहे थे और इन्हें असली एनसीईआरटी प्रकाशन बताकर बाजार में बेच रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी नकली किताबों में अक्सर गलत या अधूरी जानकारी होती है, जिससे छात्रों के सीखने के परिणामों पर बुरा असर पड़ सकता है।



