
जिलाधिकारी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, कंपनियों से ली स्टॉक रिपोर्ट
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त चेतावनी, प्रशासनिक टीमें मैदान में सक्रिय
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताते हुए नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। जिला प्रशासन का कहना है कि जनपद के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो रही है। जनपद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले की ईंधन आपूर्ति व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में जिलापूर्ति अधिकारी सहित विभिन्न तेल कंपनियों के सेल्स अधिकारियों ने भाग लिया और अलग-अलग कंपनियों द्वारा उपलब्ध डीजल, पेट्रोल और सीएनजी स्टॉक की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि जिले का कोई भी पेट्रोल पंप ड्राई नहीं है तथा सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ स्थानों पर सोशल मीडिया के माध्यम से ईंधन संकट की भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिससे अनावश्यक घबराहट पैदा हो रही है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि बिना पुष्टि की जानकारी पर विश्वास न करें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं। प्रशासन के अनुसार कृत्रिम मांग बढ?े से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जबकि वास्तविकता में किसी प्रकार की कमी नहीं है। प्रशासन ने नागरिकों को यह भी सलाह दी है कि डीजल, पेट्रोल या सीएनजी का अनावश्यक भंडारण न किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि घरेलू या व्यावसायिक स्तर पर अतिरिक्त ईंधन जमा करना न केवल खतरनाक है बल्कि कानूनन भी अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनधिकृत भंडारण, ईंधन डायवर्जन या कालाबाजारी करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों को भी कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। सभी संचालकों को ह्यनो हेलमेट, नो फ्यूलह्ण नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
साथ ही खुले पात्रों या अवैध कंटेनरों में ईंधन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो सके और दुरुपयोग रोका जा सके। जिला प्रशासन ने आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है। आपूर्ति विभाग की टीमें प्रत्येक तहसील और शहरी क्षेत्र में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। संदिग्ध गतिविधियों, असामान्य बिक्री या भंडारण की सूचना मिलने पर तत्काल जांच की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और पूर्ति निरीक्षकों की संयुक्त टीमें क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
डीएम ने दिए अधिकारियों को निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को ईंधन उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। साथ ही पेट्रोल पंपों पर व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह संतुलित है और भविष्य में भी किसी प्रकार की कमी की संभावना नहीं है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संयम बनाए रखें, अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे और किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी उत्पन्न न हो।



