विराट संत सम्मेलन में गरिमामयी सहभागिता, संतों का आशीर्वाद एवं राष्ट्रीय नेतृत्व से सार्थक संवाद

नई दिल्ली श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली एनसीआर संत महामंडल के अध्यक्ष एवं श्री दूधेश्वर महादेव मंदिर, गाजियाबाद के श्रीमहंत नारायणगिरी महाराज के पावन अवतरण दिवस के शुभ अवसर पर चौथा पुस्ता, यमुना खादर, दिल्ली-53 स्थित श्री हनुमान मंदिर, करतार नगर में आयोजित विराट संत सम्मेलन भव्य, अनुशासित एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस दिव्य आयोजन में देशभर से पधारे पूज्य संत-महात्माओं, धर्माचार्यों एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट जनों की गरिमामयी एवं प्रेरणादायी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (भाजपा राजस्थान), ने सहभागिता करते हुए पूज्य महंत नारायणगिरी जी महाराज के श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक नमन कर उनका पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। संत समाज के सानिध्य में धर्म, संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सारगर्भित विचार-विमर्श हुआ। संतों के ओजस्वी उद्बोधनों ने समाज में नैतिक मूल्यों, सेवा, त्याग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम से आत्मीय शिष्टाचार भेंट कर संगठनात्मक विषयों एवं सामाजिक सरोकारों पर सार्थक संवाद हुआ।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह से उनके निजी आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उन्हें जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की गईं तथा संगठनात्मक गतिविधियों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
पिंटू सुथार मीडिया प्रभारी दुधेश्वरनाथ मंदिर ने बताया कि इसी क्रम में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात कर राष्ट्रहित, राष्ट्रीय सुरक्षा, जनकल्याण से जुड़े विषयों के साथ-साथ युवाओं की भागीदारी एवं डिफेंस एजुकेशन को लेकर भी सार्थक विचार-विमर्श किया गया।विराट संत सम्मेलन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। संतों के पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ तथा जनमानस को धर्म, सेवा और राष्ट्रहित के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा प्राप्त हुई।
सम्पूर्ण आयोजन श्रद्धा, अनुशासन एवं उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के साथ सम्पन्न हुआ, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह आयोजन आध्यात्मिक जागरण के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हुआ।



