गाजियाबाद सामुदायिक केंद्र विस्फोट में ठेकेदार की मौत, रोटी बनाते समय कागज में लगी आग से हुआ हादसा

गाजियाबाद। शनि चौक स्थित सामुदायिक केंद्र में सोमवार को हुए बारूद विस्फोट में घायल ठेकेदार अनिल कुमार की मंगलवार तड़के दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में मौत हो गई। हादसे में उनके बेटे ऋषभ समेत कारीगर राजू और महेंद्र की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि छोटा बेटा रजत खतरे से बाहर बताया गया है।
परिजनों के अनुसार, हादसे के समय कारीगर राजू हीटर पर रोटी बना रहा था। इसी दौरान हीटर से निकली चिंगारी पास रखे रंगीन कागज पर जा गिरी और आग फैल गई। आग वहां रखे बारूद के अलग-अलग ढेरों तक पहुंच गई, जिसके बाद लगातार पांच धमाके हुए। हादसे में सात लोग झुलस गए और सामुदायिक केंद्र की इमारत भी क्षतिग्रस्त हुई।
नगर निगम के कर निरीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि सामुदायिक केंद्र में बिना अनुमति पटाखे और बारूद रखा गया था। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
अनिल करीब 30 वर्षों से रावण के पुतले बनाने का काम करते थे। पिछले 10 वर्षों से वह गाजियाबाद की लाजपत नगर रामलीला समिति के लिए पुतले बना रहे थे। मंगलवार को पिलखुवा में उनका अंतिम संस्कार किया गया।



