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नेपाल की नई संसद में 30 से अधिक महत्वपूर्ण विधेयकों की विधायी प्रक्रिया फिर से होगी शुरू

काठमांडू, । प्रतिनिधि सभा के विघटन के बाद संघीय सिविल सेवा, नेपाल पुलिस और स्कूल शिक्षा सहित करीब 30 महत्वपूर्ण विधेयक निष्क्रिय हो गए हैं, जिससे आने वाली संसद में विधायी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी।

ये विधेयक पहले संसदीय समितियों में गहन चर्चा के बाद आगे बढ़ चुके थे, लेकिन सितंबर 2025 में जेन-ज़ी आंदोलन के बाद उत्पन्न राजनीतिक संकट के कारण संसद भंग होने पर ये स्वतः निष्क्रिय हो गए।

संघीय संसद सचिवालय के प्रवक्ता एकराम गिरी के अनुसार प्रतिनिधि सभा भंग होने के बाद कुल 31 विधेयक निष्क्रिय हो गए। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए विधेयक या राष्ट्रीय सभा से पारित होकर निचले सदन में लंबित विधेयक सदन के विघटन के साथ ही स्वतः समाप्त हो जाते हैं।

हालांकि, राष्ट्रीय सभा में उत्पन्न और वहीं लंबित पांच विधेयक अभी भी सक्रिय हैं। इसके अलावा तीन विधेयक जो उच्च सदन से पारित हो चुके थे, विघटन से पहले निचले सदन को भेजे जा चुके थे।

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी को मिले स्पष्ट बहुमत के कारण नए राजनीतिक परिदृश्य में लंबे समय से लंबित इन विधेयकों को पारित करना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है।

275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 182 सीटें हासिल करने के बाद यह पार्टी न केवल सदन में, बल्कि संसदीय समितियों में भी निर्णायक प्रभाव रखने की स्थिति में है।

अंतरिम सरकार द्वारा वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधन से संबंधित एक विधेयक भी पंजीकृत किया गया है, जबकि राष्ट्रीय सभा के पिछले सत्र में लाए गए तीन अध्यादेश नए संसद में विधायी कार्य के रूप में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

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