गाजियाबाद

स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज एवं प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग पहुंचे डासना जेल

  • डासना जेल परिसर में नवनिर्मित नवग्रह वाटिका, गांधी गैलरी एवं संगीत गैलरी का किया उद्घाटन
  • एमजे चौधरी

गाजियाबाद। डासना की जिला जेल में गुरुवार को परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर एवं प्रमुख सचिव जेल अनिल गर्ग द्वारा जेल परिसर में नवनिर्मित नवग्रह वाटिका, गांधी गैलरी एवं संगीत गैलरी के उद्घाटन के अवसर पर जेल का भ्रमण किया गया। जेल में आगमन पर जेल के मुख्य द्वार पर स्वामी महाराज का शंखनाद से स्वागत किया गया तथा प्रमुख सचिव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा द्वारा पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। जानकारी के अनुसार बता दें कि स्वामी महाराज एवं प्रमुख सचिव द्वारा जेल की साजसज्जा एवं उन पर बनायी गयी कलाकृतियों की प्रशंसा की गयी। जिसके पश्चात् महिला अहाते का भ्रमण करते हुये महिला बन्दियों से संवाद किया गया। महाराज द्वारा जेल में महिला बन्दियों के लिए चलाये जा रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की सराहना की गयी तथा महिलाओं के साथ रह रहे बच्चों को फल, मिष्ठान, कॉपी, पेन्सिल वितरित किया गया। बच्चों द्वारा गायत्री मंत्र एवं कविताएं सुनायी गयी। कार्यक्रम का शुभारम्भ जेल में नवनिर्मित नवग्रह वाटिका के शिलापट्ट अनावरण के साथ हुआ। महाराज द्वारा शिलापट्ट के अनावरण के उपरान्त अन्य समस्त अधिकारियों के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत नवग्रह वाटिका में विशेष पौधों का रोपण किया गया। नवग्रह वाटिका का उद्देश्य जेल परिसर में सकारात्मक ऊर्जा एवं बंदियों के बीच परस्पर प्रेम एवं मानसिक शांति का संचार करना है। अतिथियों द्वारा नवग्रह वाटिका की अध्यात्मिक संरचना एवं पूरे परिसर की सौंदर्गीकरण की प्रशंसा की गयी। जेल के पुस्तकालय परिसर में गाँधी गैलरी एवं संगीत गैलरी का उद्घाटन किया गया। जेल के अंदर स्थापित डॉ सम्पूर्णानन्द पुस्तकालय में ‘गांधी गैलरी का अवलोकन करते हुए महाराज ने इसे वैचारिक क्रांति का केंद्र बताया। गैलरी में महात्मा गाँधी की पुस्तकों, उनकी शिक्षाओं एवं उनके जीवन दर्शन से सम्बन्धित पुस्तकें, चरखा, एवं गाँधी के जीवन को दर्शाती बंदियों द्वारा बनायी गयी विभिन्न पेंटिंग्स लगायी गयी थी, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन, उनके आंदोलनों और सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों को दर्शा रही थी, जिससे बंदी अपने अतीत को भूलकर एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।संगीत गैलरी का उ‌द्घाटन करते हुये महाराज ने कहा कि संगीत ईश्वर की वह भाषा है जो कठोर से कठोर हृदय को भी कोमल बना सकता है। इस गैलरी के माध्यम से बंदियों को वाद्य यंत्र सीखने और अपनी कलात्मक प्रतिभा को निखारने का अवसर प्राप्त होगा। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान महाराज एवं प्रमुख सचिव द्वारा पाकशाला का भ्रमण किया गया तथा पाकशाला में निर्मित भोजन की गुणवत्ता एवं पाकशाला की साजसज्जा तथा साफ-सफाई की प्रशंसा की गयी। इसके पश्चात्

जेल में स्थित मंदिर पर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर दर्शन पूजन किया गया। महाराज एवं प्रमुख सचिव द्वारा जेल पर बंदियों के लिए चलाये जा रहे विभिन्न कौशल विकास कार्यों की कार्यशाला का भ्रमण किया गया, जिसमें बंदियों को इम्ब्राइड्री, पेंटिंग, सिलाई कढ़ाई, कम्प्यूटर, हेयर कटिंग, होमडेकोर इत्यादि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचलान किया जा रहा था। अतिथियों द्वारा बंदियों से संवाद किया गया तथा जेल द्वारा चलाये जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रशंसा की गयी। जिसके बाद महाराज द्वारा जेल पर बंदियों द्वारा बनायी गयी पेंटिंग्स से सुसज्जित आर्ट गैलरी का अवलोकन किया गया। महाराज द्वारा जेल रेडियों के माध्यम से बंदियों को अपने आशीर्वचन से सम्बोधित करते हुये कहा कि मनुष्य अपने मन, शरीर, विचार के बंधन से बंधे हुये है। मन ही हमारे बंधन और मोक्ष का कारण है। श्रीमद् भागवत गीता के श्लोक ‘कर्मानुबंधिनी मनुष्यलोके’ का उद्धरण देते हुये बताया कि मनुष्य अनेकों बंधनों से बंधा हुआ है जो अपने अच्छे कर्मों द्वारा इन बंधनों से मुक्ति प्राप्त कर सकता है। इस दौरान जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा व उनकी टीम द्वारा जेल में रह रहे बंदियों के प्रशिक्षण एवं पुनर्वास कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुये कहा कि बंदियों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक भावना से जोडते हुये उनको समाज की मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है जो सराहनीय है। इस मोके पर प्रमुख सचिव जेल अनिल गर्ग द्वारा महाराज को जेल के बंदियों द्वारा बनायी गयी पोट्रेट भेंट करते हुये कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि आज हमारे बीच ऐसी महान विभूति का आगमन हुआ है, जिनकी वाणी में मां सरस्वती का वास है और जिनके दर्शन मात्र से अंतर्मन में शांति का संचार होता है। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने कहा कि अक्सर जेल को दंड का स्थान माना जाता है, लेकिन महाराज की उपस्थिति ने इसे ‘संस्कार गृह’ और ‘तपोस्थली’ के रूप में परिवर्तित कर दिया है। आपके पधारने से सम्पूर्ण जेल में सकारात्मक चेतना संचरित हो गयी है। अमृतवाणी ने आज उन हृदयों में भी आशा का दीप जला दिया है, जो अंधकार में खो गए थे। इस अवसर पर जेलर के. के. दीक्षित, वरिष्ठ चिकित्सा परामर्शदाता एम के. तोमर, डॉक्टर चन्द्र प्रकाश, डिप्टी जेलर बृजेश नारायण पाण्डेय, डिप्टी जेलर अरविन्द कुमार, डिप्टी जेलर शिवानी यादव, डिप्टी जेलर विजयलक्ष्मी गुप्ता, डिप्टी जेलर करूणेश कुमारी, मनीष मिश्रा, फार्मेसिस्ट राजेश त्रिपाठी व कमलेश सिंह, वरिष्ठ सहायक सीएल सिंह, कनिष्क सहायक हेमिल्टन सिंह आदि उपस्थित रहे।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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