
गुवाहाटी, । असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के दो दिन बाद बुधवार काे लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात कर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री के इस्तीफा के बाद राज्य में नई सरकार के गठन के लिए आगे की कार्रवाई आज से आरंभ हो गयी।
उल्लेखनीय है कि, बीते 9 अप्रैल को असम की 126 विधानसभा के लिए मतदान हुआ था। मतों की गिनती बीते 4 मई को हुई थी। जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अकेले 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है। बावजूद भाजपा ने इस बार का चुनाव एनडीए के बैनर तले लड़ा था। इस तरह एनडीए के दो अन्य सहयोगी असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने भी 10-10 सीटों पर जीत हासिल की है। इस तरह एनडीए गठबंधन को 126 सीटों में से 102 सीटें मिली हैं। वहीं, कांग्रेस के हिस्से में सिर्फ 19 सीटें आई हैं। जबकि, कांग्रेस गठबंधन में शामिल राइजर दल को 2 सीटें, एआईयूडीएफ 2 सीटें और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक सीटें मिली हैं। वहीं वामपंथी पार्टियों का इस बार पूरी तरह से सफाया हो गया है। 2021 के चुनाव में वामपंथी पार्टी को भी एक सीट मिली थी।
इस्तीफा सौंपने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि आज के दिन लोकतंत्र के एक गौरवशाली अध्याय का साक्षी बना। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से भेंट कर मैंने उनसे मुख्यमंत्री के रूप में अपना पद त्याग पत्र प्रस्तुत किया और औपचारिक रूप से असम की 15वीं विधानसभा को भंग करने की प्रार्थना की। यह केवल एक प्रक्रिया नहीं है, यह जनादेश का सम्मान करने का एक मजबूत प्रतिबद्धता है। जनता का आशीर्वाद और विश्वास हमारी ताकत है और उस ताकत के साथ हम नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि नई सरकार के कार्यभार ग्रहण करने तक मैं केयर टेकर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी जारी रखूं। उनका मार्गदर्शन हमारे लिए रास्ता दिखाने वाला होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि हम मानते हैं कि यह एक नए अध्याय की शुरूआत है। अधिक मजबूत संकल्प, अधिक जिम्मेदारी और विकास की अडिग प्रतिबद्धता के साथ हम एनडीए-3.0 के गठन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है- असम का उज्ज्वल भविष्य।



