गाजियाबाद

8वें हिन्दू साम्राज्य दिवस उत्सव के आमन्त्रण पत्र का विमोचन


गाजियाबाद। भारत माता सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित 8वें “हिन्दू साम्राज्य दिवस उत्सव” (ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी) के भव्य कार्यक्रम के आमन्त्रण पत्र का विमोचन आज दिनांक 31 मई 2026 को जानकी सभागार, कवि नगर ,राम लीला मैदान, गाजियाबाद में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में साध्वी श्वेता भारती जी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन संघर्ष, राष्ट्र के प्रति कर्तव्यपरायणता, कुशल राजनीतिज्ञ, आदर्श शासक और वीर योद्धा के रूप में उनके जीवन व्रत पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष का दायित्व बलदेव भाई शर्मा जी ने संभाला।
कार्यक्रम अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा जी ने अपने उद्धोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम भारतीय इतिहास में उस प्रकाश स्तंभ के समान है जिसने घोर अंधकार में भी राष्ट्र की चेतना को जागृत रखा। उन्हें ‘छत्रपति’ की उपाधि केवल उनके राज्याभिषेक के कारण नहीं मिली, बल्कि इसलिए मिली क्योंकि उन्होंने वास्तव में अपनी प्रजा के लिए एक सुरक्षित ‘छत्र’ (सुरक्षा) का कार्य किया था।

कार्यक्रम में काव्य प्रस्तुति श्रीमती इंदु शर्मा और अंजू जैन जी द्वारा प्रस्तुत की गई। यह 8वां हिन्दू साम्राज्य दिवस उत्सव छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 352वें वर्ष की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ: मुख्य अतिथि:
निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य डॉ. स्वामी कैलाशानन्द गिरि जी महाराज मुख्य वक्ता:
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी
(राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता) कार्यक्रम अध्यक्ष:
 ललित जायसवाल
(लैंडक्राफ्ट डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड)

भारत माता सांस्कृतिक संस्थान के इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दू जन-मानस के उत्थान, हिन्दवी स्वराज्य के आदर्शों को पुनर्जीवित करने और छत्रपति शिवाजी महाराज के योगदान को याद करना है।
आयोजकों ने सभी हिन्दू समाज के बंधुओं, गणमान्य व्यक्तियों, समाजसेवियों एवं आमजन को परिवार सहित इस भव्य उत्सव में शामिल होने के लिए हार्दिक आमंत्रण दिया है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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