
‘संत हैं, इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं’
राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए जा रहे आरोपों को बताया साजिश
सनातन और राम मंदिर की छवि खराब करने की हो रही कोशिश
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच गाजियाबाद की लोनी विधानसभा से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर खुलकर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने चम्पत राय को सनातन परंपरा का संत बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर और सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से यह पूरा माहौल तैयार किया जा रहा है।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि चम्पत राय ने वर्षों तक समर्पण और निष्ठा के साथ राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे व्यक्ति पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे देश के करोड़ों रामभक्त स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें राम मंदिर के निर्माण और उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा से परेशान हैं। इसी कारण ट्रस्ट और उसके पदाधिकारियों को विवादों में घसीटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और राम मंदिर की गरिमा पर हमला है।
नंदकिशोर गुर्जर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके इशारे पर कुछ “कालनेमी एजेंट” राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर भ्रम फैलाने और झूठे आरोप लगाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे प्रयासों को समझ रही है और समय आने पर इसका उचित जवाब भी देगी।
भाजपा विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चम्पत राय को किसी भी दबाव में आकर राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफा नहीं देना चाहिए। उनका कहना था कि यदि ऐसा होता है तो इससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राम मंदिर के खिलाफ रची जा रही कोई भी साजिश सफल नहीं होगी और सनातन विरोधी ताकतों के मंसूबे कभी पूरे नहीं हो पाएंगे। विधायक के इस बयान के बाद राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर चल रही बहस में एक नया राजनीतिक आयाम जुड़ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।



